पहली बार UP में बात हो रही है समानता की… अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दलित आरक्षण के लिए शुरू हुआ संघर्ष..

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने केंद्रीय विश्वविद्यालों AMU तथा जामिया में समानता की बात करते हुए दलितों को आरक्षण न दिए जाने पर सवाल खड़े किये थे तथा कहा था कि आखिर क्यों AMU तथा जामिया में दलितों को आरक्षण नहीं दिया जा रहा है? अब योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उठाई गई इस मांग का सार्थक असर हुआ है तथा आवाज उठने लगी है कि अब AMU तथा जामिया में भी दलितों को आरक्षण चाहिए.

आपको बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम विवि और दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विवि में दलितों का आरक्षण लागू करने के लिए आज सोमवार दो जुलाई को डॉ. अंबेडकर महासभा लखनऊ के हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर धरना दिया. अंबेडकर महासभा की राष्ट्रीय महामंत्री बीना मौर्या ने इस मामले पर कहा कि एएमयू प्रशासन ने अलीगढ़ मुस्लिम विवि का अल्पसंख्यक स्टेटस नहीं होने के बावजूद पिछले 60 वर्षो से दलितों को आरक्षण नहीं देकर दलित विरोधी होने का प्रमाण दिया है. उन्होंने कहा कि आरक्षण नहीं मिलने से लाखों दलितों का नुकसान हुआ है, जिसके लिए एएमयू प्रशासन जिम्मेदार है.

बीना ने बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम विवि और जामिया मिलिया इस्लामिया विवि में दलितों का आरक्षण नहीं लागू होने के विरोध में दो जुलाई को शाम 5 बजे महासभा के सदस्य अंबेडकर महासभा से हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक मार्च निकालेंगे और धरना देंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्यपाल राम नाईक को आरक्षण के संबंध में ज्ञापन भी सौंपेंगे. अम्बेडकर महासभा का कहना है कि जब अन्य यूनिवर्सिटी में दलितों को आरक्षण मिलता है तब AMU तथा जामिया में आरक्षण क्यों नहीं. अंबेडकर महासभा के सदयों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जो मांग उठाई है वह बिलकुल उचित है तथा वह इसके लिए लड़ाई लड़ेंगे.

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