जिन्होंने विघ्न डाला था धर्म कार्य में, उन पर लगी रासुका…घुटने टेककर गिड़गिड़ाते हुए बोले- “बहुत सख्त है योगीराज”

जब से उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आयी है तथा योगी आदित्यनाथ जी मुख्यमंत्री बने हैं तब से अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के होश ठिकाने आ गये है. जहाँ भी कोई उन्मादी व्यक्ति अराजकता फ़ैलाने का प्रयास करता है तो योगी की पुलिस त्वरित कड़ी कार्यवाही करते हुए सुशासन का परिचय देती है. 14 मार्च को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक धार्मिक यात्रा पर हमला करने वाले मजहबी उन्मादी मानसिकता से ग्रसित लोगों पर रासुका के तहत कार्यवाही की है जिसके बाद रिहाई मंच नामक संगठन ने इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है.

ज्ञात हो कि 14 मार्च को बाराबंकी के रामनगर महादेवा में एक मंदिर में मूर्ती  स्थापना की शोभायात्रा निकाली जा रही थी जिसमें 3 ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर भजन-कीर्तन करते हुए श्रद्धालु जा रहे थे. तभी रास्ते से गुजर रहे मुस्लिम समुदाय के युवक पर गुलाल गिर गया जिसके बाद वहा अन्य कई लोगों को बुला लाया तथा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया था जिसमें नौजवानों के साथ कई महिलाये, बुजुर्ग, बच्चे भी घायल हुए थे. उन्मादी हमलावर मूर्ती भी तोड़कर भाग गये थे.

सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने मामले की जानकारी की ली तथा यात्रा पर हमला करने वाले, इस बहाने साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करने वाले आक्रान्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की तथा उन्हें गिरफ्तार किया. इस मामले में पुलिस ने अतीक, शाह फहद, गुफरान, कादिर, मन्ना, अबरार, मयस्सर अली, रिजवान, शाह मोहम्मद, मुमताज़, सद्दाम, जुबैर को गिरफ्तार किया तथा रासुका की कार्यवाही की. पुलिस प्रशासन की इस कार्यवाही के बाद रिहाई मंच नमक संगठन बौखला गया है तथा योगी सरकार के इस फैसले के खिलाफ बयान दे रहा है. शायद उन्मादियों को उम्मीद रही होगी कि पूर्ववर्ती सरकार की तरह बच जायेंगे लेकिन वो भूल गये कि अब यूपी में योगी राज है और योगी जी साफ़ कर चुके हैं कि किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा, जो भी व्यक्ति तनाव फ़ैलाने की कोशिश करेगा, साम्प्रदायिकता फ़ैलाने की कोशिश करेगा उससे सख्ती से निपटा जायेगा और इस मामले में वही किया गया है. योगी सरकार का ये फैसला सराहनीय तथा समाज के दुश्मनों की कमर तोड़ने वाला है.

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