कर्तव्यपरायणता के साथ मानवता की भी मिशाल बने हाथरस पुलिस के सब इंस्पेक्टर प्रमोद शर्मा.. जिसने भी सुना वही बोल पड़ा- “गर्व है आप पर” #SaluteSipahi

हाथरस पुलिस के सब इंस्पेक्टर प्रमोद शर्मा ने मानवता तथा तथा कर्तव्य परायणता की ऐसी मिशाल पेश की है जिससे हर कोई उनकी वाहे वही कर रहा है. जब उस गरीब बालिका के सर से उसके पिता का साया उठ गया, तो दरोगा प्रमोद शर्मा ने उस गरीब युवती को अपनी बहिन बनाया. अब हाथरस की सादाबाद तहसील के गांव मई की चौकी के प्रभारी प्रमोद शर्मा ने लड़की की शादी कराकर मिसाल पेश की है. दरोगा प्रमोद शर्मा ने दिखा दिया कि पुलिसकर्मी अपराधियों को कुचलने के मामले मैं जितने आक्रामक हैं, ह्रदय से उतने ही जयदा दयालु भी है.           

बता दें कि थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी मई के गांव सिथरापुर में दर्जी जाति का एक गरीब परिवार निवास करता है। इस गरीब परिवार के मुखिया ओमप्रकाश पुत्र पीतांबर सिंह का सांस की बीमारी के चलते अचानक 17 मई को स्वर्गवास हो गया था। मृतक ओमप्रकाश की एक बेटी और चार अबोध पुत्र हैं। बेटी सुमन का रिश्ता ओमप्रकाश ने अपने जीतेजी थाना राया के गांव कूमा बघैना के दुर्गा प्रसाद के पुत्र बौबी के साथ तय कर दिया था. 5 जुलाई को ओमप्रकाश को अपनी पुत्री के हाथ पीले करने थे, लेकिन बेटी के विवाह से दो महीने पहले ही ओमप्रकाश इस दुनिया से रुखसत हो गए। जब इस बात की जानकारी चौकी मई प्रभारी प्रमोद शर्मा को हुई तो वह गांव सिथरापुर पहुंचे और देखा कि एक टीनशेड के छोटे से घर में यह परिवार रह रहा था और ओमप्रकाश की मृत्यु के बाद यह परिवार पूरी तरह से अनाथ हो गया.
सब इंस्पेक्टर प्रमोद शर्मा ने उक्त बेटी को अपनी बहन बताते हुए अपने नाम से आमंत्रण पत्र छपवाकर लोगों को न्योता दिया और विवाह से पूर्व की सभी रस्मों को निभाया. तय कार्यक्रम के तहत पांच जुलाई को गांव सिथरापुर में स्व. ओमप्रकाश के दरवाजे पर बारात आई और चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ सभी बारातियों का आवभगत कर उनका स्वागत किया. विवाह की सभी रस्में निभाईं तथा फेरों के समय कन्यादान भी लिया. बारात में आए करीब सवा सौ बारातियों की एक-एक टिफिन व दस रुपए देकर मिलनी की रस्म भी निभाई. इसके बाद भरे गले से सुमन को ससुराल के लिए एक भाई की तरह विदा किया. इस मौके पर श्रद्धानुसार दान-दहेज भी दिया. चौकी प्रभारी के इस सामाजिक कार्य की पूरे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जनपद भर में चर्चा है तथा सुदर्शन परिवार भी दरोगा प्रमोद शर्मा को उनके इस महानतम कार्य के लिए उन्हें सैल्यूट करता है.

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