पत्रकारिता के पावन पेशे को कलंकित कर रहा था जुहैब आलम.. लखनऊ पुलिस के जांबाज़ अधिकारी दीपक कुमार के खिलाफ झूठी खबर पर दर्ज हुई FIR

सिर्फ सुदर्शन न्यूज ने ही नही बल्कि लखनऊ की जनता ने उन्हें रात भर जाग कर जनता की पहरेदारी करते देखा है ..सबने उनकी कोशिशों के परिणाम को धरातल पर भी देखा है जिसमे कानून और व्यवस्था पटरी पर आ गयी और समाज महसूस करने लगा खुद को भयमुक्त ..उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी ने जो आशा कर के उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी थी उस पर वो खरे उतरे क्योंकि एक अच्छे सेनापति के रूप में उन्होंने अपनी सेना अर्थात लखनऊ पुलिस फोर्स को सक्रिय रखा और अपराध पर नकेल कस डाली ..ये बात चल रही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार जी की ..

लेकिन न जाने ये वीरता और ये शौर्य कुछ लोगों को रास नही आया और नकारात्मक मानसिकता वाले दिन रात अच्छाई में भी बुराई की तलाश में लगे रहे . इसमें से वो प्रमुख थे जो कहीं न कहीं से अपराध के दमन से खुश नही थे और उन्ही में से एक था जुहैब आलम जिसने पत्रकारिता के पावन पेशे को कर डाला है कलंकित..

लखनऊ के व्यपारियो संग 5 मई 2018 को चली एक लंबी मीटिंग में अपर जिला मजिस्ट्रेट भी मौजूद थे .. इस मौके पर व्यापार मंडल ने अपनी समस्याओं को लिखित रूप में प्रशासन के इन दो वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जिसमें अधिकांश का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया जिसके बाद व्यापारियों ने इस ततपरता पर 2 मिनट तक तालियां बजाई क्योकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने उनकी एक एक समस्या को ध्यान से सुना और सबका समाधान भी किया ..

इस मीटिंग के खत्म होने के बाद एक भ्रामक खबर वायरल करने की कोशिश की जाती है कि व्यापार मंडल की उस मीटिंग में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय सो रहे थे .. ये खबर मात्र समाज को भ्रमित करने और पुलिस की सक्रियता को बदनाम करने के उद्देश्य से बिना प्रमाण , बिना किसी आधार के चलाई गई थी जिसका पहला विरोध खुद उस सभा मे उपस्थित व्यापारियों ने किया और इसको निराधार रूप से दुष्प्रचार कर रहे तथाकथित पत्रकार जुहैब आलम के खिलाफ लखनऊ के कोतवाली अमीनाबाद में प्राथमिकी दर्ज करवाई जिसमे श्री राजेन्द्र अग्रवाल और श्री अमरनाथ मिश्रा जी प्रमुख थे …

सभी व्यापारियों ने एक स्वर में लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री दीपक के खिलाफ चली इस अर्थहीन, आधारहीन खबर की निंदा की और अविलम्ब तथाकथित पत्रकार जुहैब आलम के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है ..फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और जांचोपरांत आवश्यक कार्यवाही की बात कर रही ..फिर भी आतंकवाद, अपराध से कर्तव्यपरायणता से लड़ते पुलिस बल के खिलाफ ऐसी आधारहीन खबरें किसी भी रूप में एक सम्मानित पत्रकारिता के लिए सही नहीं कही जा सकती हैं ..

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