शिया मुस्लिमों की राम भक्ति देवबंदी उलेमा को बर्दाश नहीं कहा – मस्जिद तुम जैसो का हो ही नहीं सकता..

योगी जी ने कहा था जो सुप्रीम कोर्ट का फैसला होगा उससे सबको स्वीकार करना होगा इसके बावजूद भी लोग कोर्ट के फैसले का इंतज़ार करने के बजाए अपना विवादित ब्यान देने में लगे हुए हैं। इस मामले में योगी सरकार ने भी यह मामले का फैसला करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिया है। इसके बावजूद भी कुछ लोग इस मामले का फैसला आने से पहले ही इसमें बाधा डालने में लगे हुए हैं।

जहाँ शिया लोग लखनऊ में मस्जिद बनने से समझौता कर रहे हैं.

वहीँ देवबंदी उलमा ने इस फैसले का इंतज़ार करने से पूर्व ही शिया वक्फ बोर्ड के लिए कहा कि जब शिया वक्फ बोर्ड बाबरी मस्जिद के मुकदमे में फरीक ही नहीं है तो वह किस हैसियत से इस तरह के मसौदे तैयार कर रहा है। इसके अलावा मौलाना नदीमुल वाजदी ने कहा कि, “शिया वर्क बोर्ड का लखनऊ में बन रहे बाबरी मज्सिद से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने मस्जिद के इस फैसले से निराशा जताई और कहा कि शरीयत के मुताबिक मस्जिद को दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं किया सकता.

आपको बता दें मौलाना नदीमुलवाजदी ने यह भी कहा कि 6 दिसंबर के मौके पर कुछ ताकतें इस तरह की खड़ी हो जाती हैं तो हिंदू और मुसलमानों के बीच काफी हद तक तनाव पैदा करती है और इन्ही सब से दोनों मुल्क के बीच आपसी तनाव भी बढ़ता है। हालाकि जब यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक जा चूका है तो अब इसका फैसला तो अदालत ही करेगी.      

Share This Post