क्या बदल रहे हैं शिवपाल ? योगी के लिए उनके बयान के निकाले जा रहे कई मायने..

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव बदल रहे हैं तथा अपना नया सियासी ठिकाना तलाशने की कोशिश कर रहे रहे है? और क्या मुलायम के परिवार में अभी भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है? शिवपाल यादव का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के लिए दिया गया ताजा बयान तो यही कुछ इशारा कर रहा है. शिवपाल यादव ने अपने चचेरे बड़े भाई प्राफेसर रामगोपाल यादव के जन्मदिन पर जाकर उनके पैर छूकर आर्शीवाद लिया तो लगा कि यादव परिवार एक हो गया, पर ऐसा नहीं है. आज भी चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच अंदरखाने जंग जारी है. रविवार को शिवपाल यादव ने इटावा में एक कार्यक्रम के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को ईमानदार और बेदाब क्षविवाले तमगे से नवाजा तो कुछ देर बाद शिवपाल के करीबियों पर अखिलेश ने गाज गिरा दी और कानपुर जिले के आठ पदाधिकारियों को सपा से बाहर कर दिया.

शिवपाल द्वारा योगी की तारीफ़ करना तथा इसके बाद अखिलेश द्वारा शिवपाल के करीबियों पर अखिलेश का चाबुक चलना..इस घटनाक्रम के बाद कानपुर से लखनऊ और इटावा में सियासत गर्म है. जानकारों की मानें तो विदेश से वापस आते ही पूर्व सीएम अखिलेश यादव बड़ा निर्णय ले सकते हैं तो वहीं शिवपाल भी अगल सियासी सफर की शुरूआत कर सकते हैं. इटावा जिले के जसवंतनगर में सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो ईमानदार हैं, मगर उनके अधिकारी व कर्मचारी भ्रष्ट हैं. सीएम योगी प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाना चाहते थे, लेकिन ब्यूरोकेट्स के चलते उनके सपनों में पानी फिर रहा है, इसके चलते प्रदेश की जनता परेशान है. शिक्षा का स्तर भी काफी गिर गया है. उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिक तथा जूनियर स्कूलों पर खर्चा तो बहुत कर रही है, लेकिन शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन अगर वह अधिकारियों को थोड़ा सा और सुड़झाड़ें तो निश्चित ही उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन जायेगा.

सीएम योगी के गुणगान करते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक्शन में आए और विदेश से ही बैठकर नगर अध्यक्ष मुईन खां को आदेश दिया कि निष्क्रिय व भीतरघात करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल बाहर करें. शनिवार को नवीन मार्केट स्थित कार्यालय में हुई बैठक के दौरान महानगर अध्यक्ष अब्दुल मुईन खां ने कहा कि कई बार कहने के बावजूद कुछ पदाधिकारी संगठन के काम व मासिक बैठकों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. लापरवाही पर नगर सचिव अनुराग वर्मा, मो. अय्याज, राकेश कठेरिया, आफताब आलम, शिवम शुक्ला, रामखिलावन चौरसिया, संजीव जैन और मो. नफीस को पद से हटा दिया गया. आपको बता दें कि 2017 विधानसभा चुनाव के वक्त अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल से पद छीन लिया, तभी से शिवपाल यादव फैंस एसोसिएशन अपने असली रूप में आया और उन लोगों ने शिवपाल यादव के लिए गांव, गली, मोहल्लों और बूथों में दस्तक देनी शुरू कर दी है. कानपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए शिवपाल यादव अपने फौज के कमांडरों के साथ गुप्त बैठक की और 2019 में बेइमानों से लड़ने का ऐलान किया. शिवपाल यादव फैंस क्लब की कानपुर से शुरुआत करने वाले प्रदेशाध्यक्ष आशीष चौबे ने बताया कि ये संगठन अब 50 जिलों में पहुंच चुका है. इसके लगभग 1 लाख सदस्य हो चुके हैं. प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि शिवपाल यादव को हम अपना नेता मानते हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं लेकिन आने वाले वक्त में वह जो फैसला करेंगे हम उसके साथ खड़े नजर आएंगे.

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