गौ हत्यारों को मिला राष्ट्रव्यापी समर्थन काल बना हिन्दू सन्तों के लिए.. औरैया उत्तर प्रदेश में 2 पुजारियों का बेरहमी से कत्ल.. रोकते थे गाय कटने से

सड़क से संसद तक जिन गौ हत्यारो के लिए हंगामा मचाया गया उन्होंने अब दिखाना शुरू कर दिया वो हिंसक स्वरूप जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है ..गौ हत्यारो न कथित रूप से अब उस भगवा पर हाथ उठाया है जिसे पहन कर उत्तर प्रदेश का शासक शासन कर रहा है .. ये चुनौती न केवल इस राष्ट्र को है अपितु राष्ट्र के उन करोड़ो धर्मभक्तो को है जो गौ माता के साथ साधु और पुजारियों में अटूट आस्था व श्रद्धा रखते हैं ..

ज्ञात हो कि एक बार फिर से गौ हत्यारों का शिकार बनाये गए हैं 3 हिन्दू साधु .. कानपुर के निकट औरैया में हुई है ये दुसाहसिक वारदात ..विधूना के कुदरकोट में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर एसपी ने बिधूना इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा और पुलिसकर्मी इस्लाम को किया है निलंबित लेकिन जनता आक्रोश किसी भी हालत में शांत होने का नाम नही ले रहा है …प्रभावित इलाके का नाम है कुदरकोट जहां जबरदस्त हिंसा देखने को मिल रही है ..न सिर्फ पुलिस पर बल्कि मीडिया पर भी भारी पथराव हो रहा है ..इसके चलते ही दुकानों में लूटपाट, सड़को पर लगाई आग, यहां तक कि बराबर हो रही असलहो से फायरिंग।

लोगों का आरोप की गाय की रक्षा करने के कारण की गई हत्या। जनता नेे यहां तक कह दिया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद ही शव को उठाएंगे ..औरैय्या घटना के बाद आईजी कानपुर आलोक सिंह घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुँचे आईजी ने कुदरकोट कांड पर विधूना थाना इंचार्ज अखिलेश मिश्रा और एक सिपाही इस्लाम को निलंबित किया। गोकशी का विरोध करने पर हुई हत्या..इन 3 सन्तो की हत्या के बाद कुदरकोट में लगया गया कर्फ़्यू..सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जनता के भारी दबाव के बाद मुख्यमंत्री योंगी आदित्यनाथ जी की कुदरकोट में आने की सम्भावना..

हालात यहां तक बिगड़ गए कि पत्रकारों ने भाग कर बचाई जान.. इसमे से अधिकांश वो थे जो गौ हत्यारो के समर्थन में गौ रक्षको के खिलाफ अक्सर खबरें छापा करते थे .. जनता द्वारा पत्रकारों और पुलिस पर पथराव और फायरिंग जनपद के हालात बेकाबू पुलिस के सीनियर अधिकारियों के साथ भी मारपीट लगातार पथराव और फायरिंग जारी.. आसपास के सभी जनपदों से बुलाया जा रहा है अतिरिक्त फोर्स को..  देव मंदिर कुदरकोट तहसील बिधूना जनपद औरैया के पास ऐसा बताया जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग गाय कत्ल कर रहे थे तो मंदिर के पुजारियों ने पुलिस को दे दी जिसके बाद उनको पकड़ा गया.. आरोप सपा नेता पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी रामबाबू यादव पर है कि इनके दबाव में इन छह गोकशी करने वालो को छोड़ दिया गया.. 14 अगस्त की रात आक्रांताओ ने रात में आकर सो रहे मंदिर के पुजारियों पर हमला किया वाहन की निर्मम तरीके से हत्या की जिसमें दो की मौत हो चुकी एक गंभीर रूप से घायल है जिसकी जीभ तक काट दी गई है..

Share This Post