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सिर्फ सुदर्शन ने बताया था कि आतंकी हरकतें हैं ट्रेनों के ताबड़तोड़ एक्सीडेंट….अब मेरठ में जो हुआ उससे हमारा दावा सच साबित हो गया


केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद सिलसिलेवार तरीके से ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं. इनकी सबसे बड़ी बात ये थी कि इन दुर्घटनाओं का पता नहीं चाल पा रहा था. एक घटना की जांच पूरी नहीं हो पाती थी कि तब तक दुसरी दुर्घटना घाट जाती थी.  सरकार भी भ्रम में थी कि एकाएक ऐसा क्यों होने लगा. उस समय सुदर्शन न्यूज़ ने दावा किया था कि हो न हो लेकिन इन लगातार होती ट्रेन दुर्घटनाओं के पीछे बहुत बड़ी साजिश है. सुदर्शन ने लगातार इस पर चर्चा की थी और अब मेरठ में जो हुआ है उससे हमारा दावा सच साबित हुआ है और अब शायद इसके पीछे की देशद्रोही ताकतों का भी पता लग पायेगा.

उत्तर प्रदेश के मेरठ-पावली स्टेशन के पास अहमदाबाद ट्रेन पलटने से बच गयी. सुदर्शन के दावे के अनुसार आतंकी तत्वों ने एक साजिश के तहत एक और ट्रेन दुर्घटना को अंजाम देने की कोशिश की लेकिन ट्रेन चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया. ट्रैक पर कुछ लोगों ने ऐ लोही की सरियों का एक बहुत मोटा जाल बिछा रखा था. रात 1 बजकर 20 मिनट पर अहमदाबाद मेल पाबली रेलवे स्टेशन के पास से गुजरी. ट्रेन के हिचकोले खाने पर ड्राईवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया तथा एक बड़ा हादसा टल गया.

खबर के अनुसार काफी मोटे लोहे की सरिया का जाल ट्रैक पर बिछाया गया था. जाल टूटने से रेलवे लाइन में फैक्चर हो गई. रेल चालक ने इसके बाद रेलवे स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया. रेलवे बोर्ड की ओर अलर्ट जारी किया गया तथा इस लाइन पर आने वाली ट्रेनों को रास्ते में ही रोका गया. लगभग तीन घंटे बाद रेलवे ट्रैक चालू हुआ. उधर, मौके पर पहुंची जीआरपी ने मामले की पूरी जानकारी ली.

ज्ञात हो कि इससे पहले भी पिछले साल 23 अगस्त को मुजफ्फरनगर खतौली के बीच इसी तरह ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई थी जिसमें 23 लोगों की मौत हुई थी. तब भी सुदर्शन ने इसके पीछे किसी की साजिश होने का इशारा किया था तथा आज जिस तरह से एक और तरीन दुर्घटना की साजिश रची गयी हालाँकि वो कामयाब न हो सकी लेकिन उससे हमारा दावा सही साबित हुआ है तथा खुफिया टीम इसकी जांच में जुट गयीं हैं कि जाल किसने बिछाया व इसके पीछे कौन है.

जीआरपी इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार के अनुसार ये एक साजिश के तह किया गया था तथा ट्रेन को पटलने की पूरी तैयारियां पहले से की हुई थी. साजिशकर्ताओं ने  रेलवे ट्रैक पर लोहा का जाल इस तरह से बिछाया कि रेल दुर्घटनाग्रस्त होने से नहीं बचेगी. रेल ट्रैक के लाइन के बीच पौने दो मीटर के स्पेश को चार फिट लंबे जाल से पाट दिया. दोनों लाइन पर रखे जाने से ट्रेन का कोई भी पहिया उतर सकता था. उन्होंने कहा कि हर एंगल से इसकी जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.


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