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एक गांव है जिसका नाम है लुटेरे बाबर के नाम पर.. लेकिन अब खड़ी हो रही एक पार्टी उस नाम के खिलाफ

मुग़ल आक्रान्ता बाबर जिसने हिन्दुस्तान की संस्कृति को नष्ट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. सनातनी सभ्यता, सनातनी संस्कृति, सनातनी मान, मर्यादा का बेरहमी के साथ दमन किया,  लाखों हिन्दुओं का नरसंहार किया. इस सबके वावजूद कितना आश्चर्यजनक व शर्मनाक है कि आज भी उस मुग़ल आक्रान्ता बाबर के नाम पर देश में कई गाँव तथा सड़कों के नाम हैं. ऐसा ही एक गाँव है जिसका नाम है बाबरपुर. लेकिन बाबरपुर गाँव का नाम बदलने के लिए आगे आये हैं भारतीय जनता पार्टी के विधायक जिन्होंने गाँव का नाम बदलने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा है.

आपको बता दें कि बाबरपुर गाँव उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में है तथा बताया जाता है कि मुगलकाल में इसका नाम बाबर के नाम पर रखा गया था. लेकिन अब हरदोई जिले की सवायजपुर विधानसभा से बीजेपी विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू ने बाबरपुर का नाम अब ब्रह्मपुर रखा जाए इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने विधानसभा के गांव बाबरपुर का नाम बदलकर ब्रह्मपुर कर देने की मांग की है. इसका कारण उन्होंने ये लिखा है कि गांव में कोई भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, ब्राह्मण बाहुल्य गांव होने के कारण यहां के लोग इसका नाम बदलवा देना चाहते हैं. वहीं गांववालों का कहना है कि बाबर के जमाने मे बसा ये गांव आज चूंकि जातीय आधार पर ब्राह्मणों बाहुल्य है. इसलिए गांव का नाम बदल देना चाहिए.

गांववाले यह भी कह रहे हैं कि 1857 की क्रांति के जनक मंगल पांडेय का जन्म इसी गांव में हुआ था सो गांव का नाम उनके पर भी रखा जा सकता है. गांव का नाम बदला जाए इसलिए उन्होंने विधायक माधवेन्द्र सिंह को लिखित में ज्ञापन भी दिया. जिसके तहत ही नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो रही है. इस प्रकरण में विधायक माधवेन्द्र सिंह का कहना है कि जनता ने उन्हें चुना है, गांव का नाम बदलने के लिए कई बार गांववालों ने उन्हें ज्ञापन दिया, बात की. जिसके चलते उन्होंने इस संबंध में शासन को पत्र लिखा था. जिस जनता ने उन्हें चुना है उसकी बात तो उन्हें सुननी ही होगी तथा गांवालों की मांग जायज है क्योंकि देश में बाबर का कोई महत्व नहीं है.

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