एक्सप्रेस वे पर उस नारी की चीखें अब तक क्यों नहीं जा पाई राजनेताओं और बॉलीवुड के तथाकथित स्टारों के कान तक ? हुआ है एक और बलात्कार


कठुआ तथा उन्नाव रेप कांड के कारण देशभर में इस समय भूचाल मचा हुआ है. इन दोनों घटनाओं पर राजनेता से लेकर बॉलीवुड के कलाकार तक अपनेबयान दे रहे हैं तथा महिला सुरक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं. नारी अस्मिता की रक्षा के लिए ये आवाजें एक अच्छा संकेत हैं लेकिन इस आवाज पर उस समय प्रश्न खड़ा होता है जब एक विशेष मामले में ये आवाज इतनी ज्यादा मुखर हो जाती है कि देश को हरे रहने लायक मानने से इनकार कर देती है वहीं दूसरे मामले में ये आवाज मौन साध लेती है. उस समय लगता है कि इन लोगों के द्वारा नारी अस्मिता के लिए चलाया गया ये अभियान कोई अभियान न होकर के एक प्रोपगेंडा है.

कठुआ मामले पर हो रही राजनीति के बीच देश में एक और युवती के साथ रेप हुआ है लेकिन अफ़सोस की बात ये है कि इस रेप पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है. खबर के मुताबिक, मेरठ की रहने वाली एक युवती के साथ यमुना एक्सप्रेस वे पर चलती कार में नॉएडा से लेकर मथुरा तक गैंगरेप किया गया. गेटर नॉएडा में जॉब करने वाली मेरठ निवासी युवती शाम 5 बजे अपनी ऑफिस से घर के लिए निकली तो पास के ही एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में काम करने वाले सलमान नामक युवक ने उसे मेरठ छोड़ने की बात कहकर अपनी चार में बिठा लिया. बता दें कि सलमान पीडिता के ऑफिस में आता जाता था इसलिए परिचय के कारण युवती सलमान की कार में बैठ गयी.

बताया गया है कि युवती को अपनी कार में बैठाने के बाद सलमान ने अपने दोस्त साजिद को भी बुलाकर चार में बिठा लिया तथा गाडी को यमुना एक्सप्रेस वे पर ले गये. युवती के विरोध करने पर दोनों दुराचारी सलमान तथा साजिद ने युवती के साथ मारपीट की तथा तथा उसके साथ बेरहमी के साथ बलात्कार किया. पीड़ित युवती ने बताया है कि नॉएडा से लेकर मथुरा तक उसके साथ सलमान तथा साजिद ने बलात्कार किया तथा मथुरा के पास उसे उतारकर गाडी भगा ले गये जिसके बाद युवती ने 100 नंबर पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी.

एक युवती के साथ दो बहसी सोच के लोगों ने बर्बरता के साथ बलात्कार किया लेकिन अफ़सोस की बात ये है कि इस बलात्कार पर सभी बुद्धिजीवी चुप्पी साधे हुए हैं. देश जानना चाहता है कि कहाँ है वो अभिनेत्री जिसने कठुआ रेप कांड को लेकर पूरे हिन्दू समाज को बलात्कारी बताया था? ये बलात्कार पीडिता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से चीख-चीख कर पूंछ रही है कि उसके लिए वह कब कैंडल मार्च लेकर इंडिया गेट जा रहे हैं? कहाँ हैं वो नेता, अभिनेता, बुद्धिजीवी जिन्होंने कठुआ मामले को लेकर हिंदुस्तान को रहने लायक ही नहीं माना? आखिर एक्सप्रेस वे पर हुए इस बलात्कार को मीडिया में भी जगह नहीं मिल पा रही है? लेकिन इससे भी बड़ा प्रश्न ये है कि अगर आरोपियों के नाम सलमान तथा साजिद न होकर संजय तथा सुरेश होते क्या तब भी यही चुप्पी रहती? जवाब अपने आप मिल जाएगा कि सासाराम के बलात्कारी मेराज आलम के नाम पर मुंह में दही जम जता है लेकिन कठुआ पर चीख निकल पडती है जबकि अभी कठुआ पर जांच जारी है. सच में अगर एक्सप्रेस वे बलात्कार के आरोपी हिन्दू समुदाय के होते तो ये कठुआ से बड़ा मुद्दा बन गया होता क्योंकि चाहे राजनेता हो या अभिनेता उसी मुद्दे को उठाते हैं जिससे या तो इनको व्यक्तिगत फायदा हो या फिर हिंदुत्व बदनाम हो.


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