हमारी पुलिस गोली का जवाब गुलदस्ते से नहीं देगी… गौरवान्वित हुआ उत्तर प्रदेश सत्ता के इस बयान से


अगर कोई अपराधी हमारी पुलिस पर गोली चलाएगा तो पुलिस उसका गुलदस्ते के साथ स्वागत नहीं करेगी, बल्कि गोली का जवाब गोली से दोगी. अगर अपराधियों का मानवाधिकार होता है तो पुलिस का भी होता है. ऐसा कभी संभव नहीं हो सकता कि कोई भी आक्रांता राष्ट्र सेवक पुलिस पर गोली चलाये और पुलिस जवाब न दे. अपराधियों की गोली का जवाब  यूपी पुलिस भी गोली से ही देगी. ये बयान है योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा का.

आपको बता दमन कि मानवाधिकार संगठनों की याचिका माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने उत्तर प्रदेश एक एनकाउंटर पर योगी सरकार से जवाब तालाब किया है. यूपी पुलिस के एनकाउंटर पर मानवाधिकार संगठन ने सर्वोच्च न्यायलय मैं याचिका लगाई थी तथा कहा था कि यूपी पुलिस एनकाउंटर के नाम पर फर्जी मुठभेड़ कर रही है. इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से जवाब माँगा है.सुप्रीम कोर्ट के नोटिस को लेकर योगी सरकार ने अपना रुख साफ़ कर दिया है.योगी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनकाउंटर को लेकर मांगे गए जवाब को जल्द दाखिल किया जाएगा. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपी में अपराध को लेकर हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. पुलिस पर गोली चलाने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा. गोली चलाने वाले अपराधियों को बुके (गुलदस्ता) नहीं भेंट किया जाएगा. उन्हें गोली से ही जवाब दिया जाएगा.

बता दें कि जून 2018 तक यूपी की योगी सरकार के 16 महीने के कार्यकाल में अब तक पुलिस और अपराधियों के बीच 2244 एनकाउंटर हुए. यूपी पुलिस द्वारा जारी की गई लिस्ट के अनुसार इन एनकाउंटर में 5387 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, वहीं 59 अपराधी मार गिराए गए. इस दौरान 4 पुलिसकर्मी शहीद भी हुए, वहीं करीब 400 पुलिसकर्मी घायल भी हुए. यही नहीं आंकड़े गवाही दे रहे हैं सबसे ज्यादा पुलिस और अपराधियों में भिड़ंत पश्चिम उत्तर प्रदेश में देखने को मिली. इनमें मेरठ में 720, आगरा में 601 और बरेली में 343 एनकाउंटर हुए. यानी 2244 एनकाउंटर में से 1664 एनकाउंटर पश्चिम उत्तर प्रदेश के ही खाते में हैं. एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) आनंद कुमार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन किया जा रहा है. सरकार पूरी तरह से तैयार है. हम अपना जवाब दाखिल करेंगे. एडीजी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हर एनकाउंटर कोर्ट द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर ही किया गया है. हर मामले की एनएचआरसी को रिपोर्ट भी सौंपी गई है. सभी मामलों में म​जिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं, जिनमें से करीब दो दर्जन एनकाउंटर की जांच पूरी भी हो चुकी है. शेष की जांच जारी है तथा अभी तक एक भी एनकाउंटर फर्जी नहीं हुआ है.


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