आजम खान के खिलाफ बाकी थी योगी आदित्यनाथ जी की हां..और हां हो गयी

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने राजनीति का निम्न से निम्नतम स्तर तय किया है. कभी प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए बेहद ही असभ्य भाषा का प्रयोग तो कभी समाज के सच्चे सेवक पुलिस वालों के लिए अभद्रता. आजम यहीं नहीं रुकते हैं बल्कि इससे भी नीचे चले जाते हैं तथा अपनी भाषाई मर्यादा की सारी सीमायें लांघते हुए सर पर कफ़न बांधकर हिंदुस्तान की रक्षा करती भारतीय सेना के लिए निंम्न से निम्नस्तरीय टिप्पणी कर जाते हैं. लेकिन अब आजम खान पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है. इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की हाँ की जरूरत थी और अब योगी जी की हाँ हो गई है.

आपको बता दें की लगातार विवादित बयान देने वाले ामाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं. बीते साल उन्होंने सीआरपीएफ जवान पर विवादित टिप्पणी की थी जिस पर उनके लिए परेशानियों बढ़ेंगी. इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है. खबर के मुताबिक उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153A (अलग-अलग आधार पर दो वर्गों के बीच शत्रुता बढ़ाना) के तहत चार्जशीट दायर की जाएगी. इस धारा के तहत चार्जशीट के लिए पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता होती है तथा उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से ये स्वीकृति मिल चुकी है. आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक के शिव बहादुर सक्सेना के बेटे आकाश सक्सेना ने आजम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी थी.

दरअसल आजम पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र रामपुर में एक बैठक को संबोधित किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि जवानों के जिस हिस्से से महिलाओं को दिक्कत थी वे उसे काटकर लेते चले गए आजम खान से बयान से हमें काफी आघात पहुंचा है. उनके इसी बयान पर पुलिस उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए और 505 के तहत मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान उन्होंने आजम खान के बयान वाले सीडी प्राप्त की और फोरेंसिक जांच ने इसे सही पाया. रामपुर एसपी विपिन तादा ने कहा कि आज़म खान ने हम जल्द ही इस मामले में आज़म खान के खिलाफ आरोपपत्र दायर करेंगे.

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