पति की मौत के बाद मज़दूरी कर के पेट पाल रही विधवा की इज़्ज़त को तार तार कर गया बलात्कारी सिराज़


आम समाचार पत्रों के लिए भले ही एक सामान्य घटना हो लेकिन असल मे इस घटना ने नीचता , लंपटता , विधर्म की सभी सीमाएं पार कर दी .. एक विधवा औरत जिसका पति चल बसा हो वो मजदूरी के के पेट पाल रही थी, मतलब अपने बाजुओं के दम पर वो बिना किसी सहारे के खड़ी थी लेकिन न सिर्फ उसकी इज्जत पर हाथ डाला गया बल्कि समाज मे संघर्ष की प्रतीक नारी शक्ति के ऊपर हमला किया गया ..

ये करने वाला हवस की आग में जलता एक बलात्कारी था जिसका नाम था सिराज़  . विदित हो कि फैज़ाबाद जिले के थाना कुमारगंज क्षेत्र में संघर्ष कर रही महिला उत्पीड़न की घटना ने आम जनमानस को बहुत पीड़ा दी , यद्द्पि पुलिस की तत्काल कार्यवाही के चलते लोगों में संतोष रहा ..

गांव गुमानीगंज निवासिनी एक महिला ने आरोप लगाया कि घोड़वल गांव निवासी सिराज अहमद पुत्र बाबू ने करीब पांच माह पूर्व उसके साथ उस समय दुष्कर्म किया जब वह गुमनीगंज में शिवम सिंह के डेरी फार्म पर मजदूरी करने गई थी।तब से लोकलाज व जान से मारने की धमकी देकर आये दिन दुष्कर्म करता रहा। मय दुष्कर्म का प्रयास किया जब वह घर मे अकेली थी।
थानाध्यक्ष कुमारगंज सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सिराज को धारा 376,506 आई पी सी के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। फिर भी समाज सोच रहा ऐसे दरिंदो की पहिचान का सही तरीका जिसके चलते ऐसे वहशियों को समाज से दूर रखा जा सकता हो ..


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