जब हिस्ट्रीशीटर के घर दोस्ती गाँठ रहा पुलिस वाला तो कैसे होगी समाज की रक्षा ? UP के गोंडा पुलिस पर गंभीर आरोप

जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस के चित्रकूट के बलिदानी सब इंस्पेक्टर जे पी सिंह , शामली के अंकित तोमर जैसे तमाम जाबाज़ दिन रात एक कर के अपने अपने क्षेत्रों में अपराध दमन के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर रहे हैं वहीँ इस विभाग में कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जो अपने कृत्यों के चलते समाज को शर्मिन्दा कर रहे हैं और आम जनमानस का विश्वास खोने के साथ सही और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों पर भी स्वालिया निशान लगाने का मौक़ा दे रहे हैं . कुल मिला कर कहा जाय कि क्या होगा जब खेत ही बाड़ खा जाए 

इन कुछ गिने चुने पुलिसकर्मियों में से एक है उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के वजीरगंज थाने में तैनात सिपाही संतोष पाण्डेय . इस सिपाही का वजीरगंज थाना क्षेत्र में पड़ने वाले गाँव चन्दापुर पूरे ओझा में अक्सर आना जाना है जो इनके इलाके में आता है लेकिन उसमे सबसे खास बात ये है कि इस सिपाही का उसी गाँव में पड़ने वाले एक हिस्ट्रीशीटर शिवनरेश ओझा जो लूट आदि में शामिल है , के घर पर अक्सर आना जाना और बेहद घनिष्टता होना . 

धर्मेन्द्र शुक्ला , मंगल , शिवसहाय , मुक्तेश्वर , दुर्गावती , साहब शरण, ब्रिजेश आदि गाँव के तमाम पीड़ितों से बात करने पर पता चला कि इस सिपाही संतोष पाण्डेय पर स्थानीय लोगों ने हमेशा एकपक्षीय कार्यवाही करने और कभी भी न्याय न करते हुए सदा एक पक्ष से पैसे आदि ले कर दूसरे पक्ष का घोर उत्पीडन करने का गंभीर आरोप है . सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी हाल ही में इसने उसी हिस्ट्रीशीटर शिवनरेश ओझा से 20 हजार रुपए ले कर जमीनी विवाद में बिना किसी राजस्व अधिकारी के हस्तक्षेप के एकपक्षीय कार्यवाही अपने दम पर करवाई . साथ ही इसने पीड़ित परिवार धर्मेन्द्र शुक्ला अदि को धमकी भी दी कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और उसकी पहुच लखनऊ तो दूर दिल्ली तक है . हैरानी की बात ये रही कि उसने अपनी धमकी में पुलिस की धौंस के साथ उसने अपनी खुद की व्यक्तिगत धौंस भी दिखाई और एकपक्षीय कार्यवाही करवाते हुए भूमि विवाद में भी किसी राजस्व अधिकारी आदि की जरूरत ठीक नहीं समझा . पीड़ितों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर से अपनापन दिखाने वाले इस पुलिस वालों की करतूतों के खिलाफ गाँव में कई लोग खड़े होने को तैयार हैं यदि उन्हें सुरक्षा की पक्की गारंटी मिले तो . 

जहाँ पुलिस को देख कर आम जनमानस में सुरक्षा का भाव होना चाहिए वहीँ इस सिपाही की इसके इलाके ख़ास कर गाँव चन्दापुर पूरे ओझा में दहशत कायम है जो किसी भी प्रकार से “पुलिस मित्र” के नियमों पर खरी नहीं उतरती है . यद्दपि ये दहशत होना स्वाभाविक भी है क्योकि हिस्ट्रीशीटर और पुलिस जहाँ दुश्मन के रूप में आमने सामने होने चाहिए वहीँ इस थानाक्षेत्र में इस सिपाही की अपराधी शिवनरेश ओझा से दोस्ती और घनिष्टता के चलते यहाँ पुलिस की मित्रता जनता से नहीं हिस्ट्रीशीटर से प्रसिद्धि पा रही है जो किसी भी प्रकार से एक सभ्य समाज के लिए सुरक्षा के संकेत नहीं हैं . 

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