Breaking News:

चंदन के लिए अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में निकालने नही दिया गया मार्च जबकि वहीँ खुला सर्मथन हुआ था मन्नान का

उत्तर प्रदेश के कासगंज में 26 जनवरी को राष्ट्रभक्तों की तिरंगा यात्रा पर पाकिस्तान परस्त लोगों द्वारा किये गए हमले में चन्दन गुप्ता की जान चली गई थी. और कई राष्ट्रभक्त इस यात्रा में जख्मी रूप से घायल हो गए थे. जिसके बाद इस हिंसा से पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल बना हुआ है. बता दे कि एएमयू के छात्र नेता एवं बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह के पौत्र ठाकुर अजय सिंह को पुलिस अधिकारियों ने उनके घर में ही नजरबंद कर दिया.

देर शाम तक एडीए कॉलोनी स्थित विधायक के आवास पर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा. शाम को अजय सिंह ने एसीएम प्रथम को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की अपील की. अजय सिंह और एएमयू के अन्य छात्र गुरुवार को एएमयू में मार्च निकालना चाहते थे. इसको लेकर उनके आवास पर एएमयू के छात्र इकठ्ठे होने लगे. मार्च निकालने की घोषणा करने पर पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई. 

सीओ तृतीय संजीव कुमार दीक्षित और क्वार्सी इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए. उन्होंने अजय सिंह व अन्य छात्रों से मार्च न निकालने का आग्रह किया , लेकिन छात्र ने पुलिस की बात मानने से साफ इंकार कर दिया. इस पर अजय के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया. साथ ही उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया. विधायक के नाती से मिलने के लिए एएमयू से छात्र आते-जाते रहे, जिससे दिनभर गहमा-गहमी का महौल बना रहा. इसी के साथ अजय सिंह व एएमयू के छात्रों ने हम साथ-साथ हैं के नारे लगाए. अजय सिंह ने कहा कि हिंसा के आरोपियों को सजा दिलाकर रहेंगे. 

Share This Post