पाप की कमाई पर क़ानून का डंडा… अतीक जान गया कि सरकार, न्याय, पुलिस व क़ानून किसे कहते हैं..

कुख्यात अपराधी अतीक अहमद..जो एक समय उत्तर प्रदेश में खौफ का पर्याय बना हुआ था. राजनैतिक संरक्षण के कारण अतीक अहमद न कानून को मानता था और न ही क़ानून की रक्षक पुलिस को. ये वो समय था जब अतीक अहमद खुद एक सरकार था तथा खुद ही कानून और पुलिस. अगर पुलिस अतीक पर क़ानून का डंडा चलाना भी चाहे तो भी नहीं चला सकती थी क्योंकि अतीक को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त था. यही कारण कि अतीक तथा उसकी गैंग ने एक के बाद कई हत्याएं की, डकैती डाली तथा काली कमाई से अपना विशाल सम्राज्य खड़ा कर लिया. लेकिन अब उत्तर प्रदेश में सत्ता बदल चुकी है तो कानून के रखवाले भी अपना काम सजगता से कर रहे हैं तो अतीक सलाखों के पीछे है तथा उसे सरकार भी समझ आ रही है, क़ानून भी समझ आ रहा है और पुलिस भी.

आपको बता दें कि योगी सरकार अतीक अहमद को जमीन सुंघाने पर उतारू है. योगी सरकार ने अतीक अहमद पर अपना शिकंजा और कस दिया है. खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार के अफसरों ने इसके तहत अतीक अहमद द्वारा अवैध तरीके से बसाई जा रही कई रिहाइशी कॉलोनियों पर मंगलवार को बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया. इस कार्रवाई में कई विभागों की टीमों के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस-पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किये गए थे. अतीक अहमद के खिलाफ की गई कार्रवाई में उनके द्वारा बसाई गई पांच कॉलोनियों को गिराया गया है. मंगलवार को इस अभियान में तीन दर्जन से अधिक बुलडोजर लगाए गए थे. हालांकि इन कॉलोनियों में अभी ज़्यादा मकान नहीं बने थे और तमाम लोगों ने सिर्फ जमीन की घेराबंदी कराकर ही जगह छोड़ दी थी. अधिकारियों के अनुसार इनमें से ज्यादातर अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति थी. सौ बीघे से ज़्यादा एरिया में बसाई जा रही इन कॉलोनियों में कुछ ज़मीनें ग्राम सभा की थीं और कुछ स्टेट लैंड थी.

यही नहीं अतीक ने अपने दबाव से किसानों की जमीनों को अपने करीबियों के नाम कराय दिया था. 2008 में तत्कालीन मायावती सरकार ने इन कॉलोनियों में किसी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी थी. मंगलवार को अतीक की जिन कॉलोनियों पर बुलडोजर चला है उनमें अलीना सिटी और अहमद सिटी प्रमुख रुप से शामिल हैं. दस दिन पहले यूपी एसटीएफ की एक टीम ने इलाहाबाद आकर अतीक की बेनामी सम्पत्तियों की जांच की थी. इसके बाद मंगलवार को इन कॉलोनियों पर कार्रवाई शुरू की गई. अभियान के दौरान पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. हलांकि अभियान के दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई पर ऐतराज भी जताया, लेकिन योगी सरकार की टेढ़ी नजर से अतीक का काला साम्राज्य  बच न सका तथा बुलडोजर चला दिया गया.

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