जल्लादों को भी मात दे गया ये सपा नेता… एक एक करके सारे कपडे उतारे उस महिला के और फिर नंगा घुमाया..

सत्ता चली गई लेकिन सत्ता की हनक नहीं गई. जनता ने जिस गुंडागर्दी तथा आक्रान्ताई विचारधारा के कारण समाजवादी पार्टी को पहले लोकसभा चुनाव फिर विधानसभा चुनावों में रसातल में भीज दिया लेकिन उसके बाद भी सपा नेताओं की गुंडागर्दी है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. जिस जनता ने सपा के खिलाफ वोट किया वो अब सपा नेताओं के निशाने पर हैं तथा दी जा रही है उन्हें मानवता को शर्मशार करने वाली अंतहीन प्रताड़ना क्योंकि उन्होंने समाजवादी का समर्थन नहीं किया था. ये खबर आपको विचलित करती है, खबर पढ़कर आप शर्मशार यो होंगे ही, साथ ही आक्रोश से भी भर उठेंगे तथा सवाल करेंगे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी तथा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट उनकी उत्तर प्रदेश पुलिस से कि जो यूपी पुलिस अपराधियों के एनकाउंटर कर रही है वो आखिर इस राजनैतिक अपराधीकरण के खिलाफ कब एक्शन लेगी?

खबर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के जौनपुर के केराकत से सपा के पूर्व प्रत्याशी ने भाजपा को वोट देने से नाराज होकर एक युवती काे सरेआम निर्वस्त्र कर दिया. पीड़ित परिवार केराकत कोतवाली पहुंचा तो सपा नेता वहां पहले से ही मौजूद था. उसके दबाव में कोतवाल ने पीड़ित परिवार को डपट कर भगा दिया. अब न्याय की आस लिए परिवार आला अधिकारियों की चैखट पर मत्था टेकने को मजबूर है. कई दिन बाद तक शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार कह रहा है कि भविष्य में वो भाजपा को वोट नहीं देंगे क्योंकि भाजपा सरकार में अपराधी राजनेताओं के खिलाफ कानून काम नहीं का रहा है. फिलहाल केराकत कोतवाली अंतर्गत मल्लूपुर गांव में एक महिला अपनी बेटी और बेटे के साथ दर-दर की ठोकरें खा रही है. इसकी वजह सिर्फ इतनी है कि परिवार ने 2014 लोकसभा और 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया था. आरोप है कि इसके बाद परिवार की सपा नेता संजय सरोज से दुश्मनी हो गई. 28 जून को सपा नेता ने अपने गुर्गों के साथ महिला के घर धावा बोल दिया व उसे और बेटे को पीटने लगे. शोर सुन कर बेटी बाहर आई तो उसे भी नहीं बख्शा. उसकी पिटाई करते हुए गांव वालों के सामने ही उसके कपड़े फाड़ दिए गए तथा गांववालों के सामने निर्वस्त्र घुमाया. काफी देर वहां तांडव करने के बाद सपा नेता धमकी देते हुए चले गए.

दबंगों के जाने के बाद पीड़ित परिवार केराकत थाने गया तो वहां थाना के कोतवाल शशिभूषण राय के पास पहले से ही आरोपी सपा नेता संजय सरोज बैठा था. यह देख महिला सहम गई लेकिन कोतवाल से आपबीती सुनाई, लेकिन शशिभूषण राय ने उसकी एक भी न सुनी. उसे डांट कर कोतवाली से भगा दिया गया. इसके बाद पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक से मिलने जिला मुख्यालय पहुंच गई. वहां वे नहीं मिले तो अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनिल कुमार पांडेय को घटना बताई. उन्होंने केराकत कोतवाल को मुकदमा लिखने का निर्देश दिया, लेकिन जब महिला कोतवाली गई तो एक बार फिर थाना केराकत कोतवाल ने उसका मुकदमा दर्ज करने के बजाय उसे गालियां देकर भगा दिया गया. बुधवार को फिर वो मुख्यालय पहुंची लेकिन वहां इस बार भी एसपी दिनेश पाल सिंह नहीं मिले. यहां से फिर उसे बैरंग लौटना पड़ता. गुरूवार को पहुंचने पर वहां एएसपी ग्रामीण संजय राय मिले तो उन्होंने भी मामले की गंभीरता देखते हुए कोतवाल को जांच के निर्देश दिए. पीड़िता का कहना है कि केराकत थाना कोतवाल सपा नेता संजय सरोज के दवाब में उसे ही धमका रहा है तथा कोई कटुवाही नहीं की जा रही है. पीड़िता महिला का कहना है कि उसने पहले मोदी जी तथा फिर योगीजी के लिए भाजपा को वोट दिया था लेकिन इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है तथा अगर योगी महाराज से उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह कभी भाजपा को वोट नहीं देगी.

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