इंस्पेक्टर जे पी सिंह की आत्मा को शान्ति भी प्रदान करनी थी तभी पुलिस खुद थी बेचैन.. आखिर हुआ न्याय


पुलिस ने एक बार फिर से कामयाबी हासिल कर एक डाकू को ढेर कर दिया। अपनी जान की बाजी लगा कर पुलिस ने डाकुओ को परास्त किया। एक एक करके सभी डाकुओ का अंत हो रहा है। अभी हाली में एक डाकू को पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया था। अब कानून व्यवस्था में आये सुधार का सीधा प्रभाव डाकुओ और चोरो पर दिख रहा है। अब इन सब की खेर नहीं है। ज्यादा देर तक अब ये डाकू नहीं बच पाएंगे धीरे धीरे सभी डाकुओ को हिरासत में लिया जाएगा। अब डाकुओ का अंत बहुत नजदीक है।

बता दे कि रविवार की देर रात मड़वरिया जंगल में पुलिस की डाकू बबुली गैंग से मुठभेड़ हो गई। पाठा क्षेत्र पर आये दिन ऐसी मुठभेडे होती ही रहती है। इस बार भी पूरा क्षेत्र इस मुठभेड़ से काँप उठा। गोलियों की इस कादर आवाजे उठ रही थी जैसे कोई बुरा तूफान आया हो। इस मुठभेड़ के दौरान एक डाकू के मारे जाने की खबर है। इस डाकू पर 12 हजार रुपये का इनाम है और इसका नाम शारदा कोल बताया जा रहा है।
बता दे कि इस डाकू ने सभी लोगो का जीना दुश्वार कर रखा था। इसका आतंक दिन व् दिन बढ़ता ही जा रहा था। पुलिस को भी इस डाकू की तलाश थी।। यह वही डाकू है जिसने 24 अगस्त को दस्यु बबुली गैंग की औदर जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान घायल डाकुओं को लेकर भागा था। अभी तक डाकू की लाश बरामद हुई नहीं है। एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह और अपर एसपी बलवंत चौधरी मुठभेड़ स्थल पर ही मौजूद बताए गए हैं। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने एक डाकू के मारे जाने की पुष्टि की है। इंस्पेक्टर जे पी सिंह के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया पुलिस वालों ने .

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