14 साल से अपने ही परिवार वालों को एक के बाद एक कर के मौत दे रही थी जॉली थॉमस.. अब तक मर चुके थे 6 और अब 7 वें का नम्बर था


हिन्दू धर्म संसार की सबसे पहली कड़ी परिवार को मानता है और वहां से हुए सुधार के बाद दुनिया की तरफ कदम बढाने की अपील करता है.. हिन्दू धर्म में तो ये निर्विवाद रूप से स्वीकार्य है की किसी व्यक्ति के विपत्ति काल में सबसे पहला और सबसे बड़ा सहारा उसका परिवार ही होता है लेकिन उस समय क्या किया जाए जब कोई परिवार वाला ही अपने ही परिवार वालो को एक एक कर के देने लगे मौत और उन्हें पता भी न चले की एक एक कर के ये मौतें कैसे और क्यों हो रही हैं .

एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला केरल से सामने आया है जहाँ पर एक महिला एन १४ सालों से एक एक कर के अपने पूरे परिवार को ही मौत के घाट उतार दिया .. हैरानी की बात ये है की अपने परिजनों से अथाह नफरत करने के बाद भी इस महिला ने पूरा समय लिया और १४ सालों तक इंतजार किया बारी बारी से सबको मारने के लिए.. इस मामले में पुलिस को शक भी न होता अगर सबके मरने की कडियों को उसने एक नये सिरे से न जोड़ा होता तो ..

ये मामला केरल के एक ईसाई परिवार कोझिकोड का है जहाँ पर एक महिला पर अपने सास, ससुर, पति और तीन अन्य रिश्तेदारों का कत्ल करने का आरोप लगा है. आरोप है कि महिला ने हत्याओं के लिए सायनाइड (Cyanide) का इस्तेमाल किया और 14 सालों में पूरे परिवार को मौते के घाट उतार दिया. सायनाइड की वजह से ऐसी पहली मौत 2002 में उसकी सास अनम्मा थॉमस की हुई थी.छह साल बाद 2008 में, जॉली ने कथित रूप से अपने ससुर टॉम थॉमस की हत्या कर दी और 2011 में जॉली ने अपने पति रॉय थॉमस की भी हत्या कर दी थी.

मौतों का सिलसिला यही नहीं रुका .. ये आगे बढ़ता गया था और 2014 में ऐसी ही परिस्थितियों में रॉय थॉमस के मामा मैथ्यू की मौत हो गई. दो वर्ष बाद एक और करीबी रिश्तेदार सिली और उसके एक वर्षीय बच्चे की समान परिस्थतियों में मौत हो गई. इस मामले का खुलासा करते हुए कोझिकोड ग्रामीण एसपी ने कहा, ‘हमने जोली की मौजूदगी हर उस जगह पाई जहां मौत हुई थीं. उनसे अपने पक्ष में संपत्ति हासिल करने के लिए नकली दस्तावेज बनाए’..

 

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