पुलिस से नरसंहार कराने के बाद गोरखाओं पर छोड़े अपने आदमी. तृणमूल कार्यकर्ताओं और बांग्लादेशियों का गोरखाओं पर हमला…

दार्जिलिंग : अलग राज्य की मांग को लेकर एक बार फिर दार्जिलिंग सुलग गई। पिछले कई दिनों की शांति के बाद हिंसा फिर से अपने चरम पर है। हिंसा की वजह गोरखा जनमुक्ति मोर्चा और तृणमूल समर्थकों के बीच हुई झड़प बताया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने हिंसा पर काबू पाने के लिए बल और आंसू गैस के गोले छोड़े।

पुलिस के आधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबित मिरिक उप संभाग में गोरखालैंड समर्थकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और पुलिस पर पेट्रोल बम और शीशे की बोतलें फेंकीं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनपर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि पहले पुलिस की और से फायरिंग की गई।

फायरिंग की वज़ह से गोरखा के एक समर्थक की मौत हो गई है। जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई। इसके साथ ही गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा की पुलिस ने फायरिंग में उसके एक समर्थक अशोक तमांग की मौत हो गई और उसका एक और समर्थक घायल हो गया। जिसके बाद जीजेएम ने मिरिक में तमांग के शव के साथ एक रैली निकाली और प्रदर्शन किया। फिलहाल, पुलिस ने तमाम आरोप से इनकार किया है।

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