हमें सत्ता दो बंगाल वालो, इसको भी बांग्लादेशियों से मुक्त करके दिखाएँगे— भाजपा

असम NRC का ड्राफ्ट जारी होने के बाद जहाँ तमाम विपक्षी दल मोदी सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हैं लेकिन भाजपा इससे बेफिक्र नजर आ रही है. असम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने एलान कर दिया है कि अगर पश्चिम बंगाल की जनता उन्हें राज्य की सत्ता सौंपती है तो बंगाल में भी NRC लागू किया जाएगा तथा तथा बंगाल से बांग्लादेशियों से भगाया जाएगा. भाजपा का कहना है कि मानवता अपनी जगह है लेकिन इस मानवता की आड़ में देश की सुरक्षा, एकता तथा अखंडता के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है.

भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अगर उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आती है तो असम की तरह इस राज्य में भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जारी किया जाएगा. असम में एनआरसी के सम्पूर्ण मसौदे को जारी करने के समर्थन में उन्होंने कहा कि कुछ नेता ‘घड़ियाली आंसू’ बहा रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी ‘वोट बैंक’ की राजनीति के खत्म होने का अंदेशा है. ज्ञात हो कि असम में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा सोमवार को जारी कर दिया गया. असम देश में एक मात्र ऐसा राज्य है जहां एनआरसी जारी किया गया है, जिसमें पूर्वोत्तर राज्य के कुल 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम हैं.

भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, ‘अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी सत्ता में आती है तो हमलोग राज्य में भी एनआरसी लागू करेंगे. हमलोग अवैध नागरिकों को बांग्लादेश वापस भेजेंगे. आने वाले दिन मुश्किल भरे हैं. हमलोग किसी अवैध प्रवासी को पश्चिम बंगाल में नहीं बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ उन्होंने कहा जो लोग अवैध प्रवासियों का समर्थन करते हैं उन्हें भी देश से निकाल बाहर किया जायेगा. घोष ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में असम में एनआरसी लागू किया गया है. यह कांग्रेस ही थी जिसने एनआरसी का विचार पेश किया था. अब वे इसके खिलाफ बोल रहे हैं.’  उन्होंने कहा, ”जिन लोगों के नाम अंतिम मसौदे में नहीं हैं वे संशोधन के लिए अपील कर सकते हैं लेकिन हमलोग देश की सुरक्षा एवं अखंडता से कोई समझौता नहीं करेंगे तथा अवैध घुसपैठियों को जाना ही होगा.’

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