40 हजार रोहिंग्या को ममता राज में बसाने की पूरी हो चुकी है तैयारी….सावधान हो भारत

देशभर में रह गए रोहिंग्या शरणार्थियों पर शुरू से ही देश विरोधी तथा आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगता रहा है. देश की सुरक्षा एजेंसिया पहले ही रोहिंग्या शरणार्थियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बता चुकी हैं जिसके बाद से देशभर में रोहिंग्यियाओं के खिलाफ आवाजें उठी हैं, देशभर के राष्ट्रवादी संगठन रोहिंगियाओं को देश से बहार करने की मांग कर रहे हैं. कुछ समय पहले सुजवां में हुए आतंकी हमले में भी रोहिंगियाओं के शामिल होने के पुख्ता सुबूत ख़ुफ़िया एजेंसियों को मिले हैं.

जबकि देश की सुरक्षा एजेंसिया तक इस बात को बता रही हैं कि रोहिग्या देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं उसके बाद भी देश के अंदर ऐसे लोग मौजूद हैं जो न सिर्फ रोहिंगियाओं के देश के बाहर भेजे जाने के खिलाफ हैं बल्कि गुपचुप तरीके से उन्हें देश में बसने के लिए तैयारी कर रहे हैं. रोहिंग्‍या मुसलमानों को लेकर इंटेलीजेंस एजेंसियों की जो नई रिपोर्ट आई है, वह काफी चौंकाने वाली है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में 35 से ज्‍यादा संगठन करीब 40,000 रोहिंग्‍या मुसलमानों को बसाने की साजिश रच रहे हैं, इसके लिए ये संगठन काफी तैयारी कर रहे हैं.

इंटेलिजेंस रिपोर्ट का दवा है कि देशभर से 35 ऐसे संगठन हैं जो देशभर में घूम घूम कर रोहिंगियाओं को बसाने के लिए फंड इकट्टा कर रहे हैं. ये लोग देश में रह रहे रोहिंगियाओं  से अपील कर रहे हैं कि वह पश्चिम बंगाल के 24 परगना में आकर रहें जहाँ उनके रहने की सारी व्यवस्था है. एजेंसियों को इस बात का डर है कि रोहिंग्या लोगों की मदद के लिए कई जगहों पर ये संगठन पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और इन लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने की मांग कर रहे हैं. रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर लोगों को लेकर एजेंसियां अलर्ट हैं और उन्हें मदद पहुंचाने के लिए काम रहे इन संगठनों पर नजर बनाए हुए है तथा इसकी जानकारी  इंटेलीजेंस एजेंसी ने गृह मंत्रालय को भी दी है.

सवाल उठता है कि जब सुरक्षा एजेंसिया रोहिंगियाओं को देश के लिए बड़ा खतरा चुकी हैं तथा केंद्र सरकार भी सुप्रीम कोर्ट में कह चुकी ही कि वहा रोहिंगियाओं को देश से बहार भेजेगी क्यूंकि इनसे देश की आंतरिक सुरक्षा को सीमा सुरक्षा को खतरा है. तब ऐसे सन्गठन जो गुपचुप तरीके से रोहिंगियाओं को बंगाल में बसाना चाहते हैं, ऐसे संगठनों पर भी बैन लगना चाहिए कार्यवाही होनी चाहिए क्यूंकि जितना खतरा रोहिंग्या से है उससे ज्यादा खतरनाक उनकी पैरवी करने वाले उनको शरण देने वाले उनको बंगाल ले जाकर बसाने वाले लोग हैं.

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