बार-2 चेतावनी जारी हो रही बौद्धों के हत्यारों के खिलाफ … इस बार चेतावनी में बंगाल की तरफ इशारा


रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों को लेकर शुरू से काफी सवाल उठते रहे हैं तथा केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसिया भी आगाह कर चुकी हैं कि ये रोहिंग्या शरणार्थी देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं तथा केंद्र सरकार भी सुप्रीम कोर्ट से कह चुकी है वह रोहिंग्याओं को देश में नहीं रुकने देगी तथा उन्हें वापस भेजेगी. गौरतलब है सुदर्शन न्यूज़ ने भी रोहिंग्याओं को लेकर तमाम खुलासे किये किये हैं कि बौद्धों के हत्यारे ये रोहिंग्या न सिर्फ हिंदुस्तान की आन्तरिक सुरक्षा बल्कि बाह्य सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं.

बौद्धों के हत्यारे रोहिंग्याओं के के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार चेतावनी जारी की है. इस बार सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल को लेकर आगाह किया है कि बंगाल में रोहिंग्याओं के कैंप देश के लिए बहुत बड़ा सुरक्षा जोखिम हैं. केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में गैरकानूनी रोहिंग्या मुसलमानों के लिए शिविरों पर सुरक्षा चिंताओं को उठाया है तथा आशंका जताई है कि ये कैंप देश की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकते हैं.

केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को सूचित किया, स्थानीय निवासी हुसैन गाजी द्वारा संचालित कोलकाता स्थित एनजीओ देश बचाओ सोमाजिक समिति की मदद से कथित तौर पर हैदराबाद स्थित चैरिटी से वित्तीय सहायता के साथ बनाया गया था. उत्तरार्द्ध, जो सलामा नाम से जाता है, ने रोहिंग्याओं को सुलझाने के लिए गाजी को 4 लाख रुपये का योगदान दिया है तथा इसमें सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस के नेता इनकी मादा कर रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि करीब 130 गैरकानूनी रोहिंग्या मुसलमानों के शिविर हरदाहा, बरुईपुर में बनाये गये हैं तथा आशंका जताई हैं कि यहाँ से देश विरोधी गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं.


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