हिन्दू जनता के बाद हिन्दुओं की देवियां आयीं ममता शासन के आक्रान्ताओं के निशाने पर… मूर्तियों पर पोते गये कीचड़


ममता बनर्जी के शासन वाला पश्चिम बंगाल अभी तक साम्प्रदायिक हिंसा से सुलग रहा है. 25 मार्च को श्रीरामनवमी पर बंगाल के कई जिलों में मजहबी आक्रान्ताओं ने श्रीरामनवमी शोभायात्रा पर हमले किये. हिन्दुओं को चुन चुन कर मारा गया. रानीगंज तथा आसनसोल से तो इन मजहबी आक्रान्ताओं के डर के कारण हिन्दू समाज के लोगों को पलायन करने को मजबूर होना पड़ा है. ममता के राज में श्रीरामनवमी पर बंगाल की सडकें हिन्दुओं के खून से लाल पडी थीं.

श्रीरामनवमी पर ममता के राज में आक्रान्ताओं के निशाने पर हिन्दू समाज था तो अब हिन्दू समाज की देविया हैं. खबर के मुताबिक़ पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आक्रान्ताओं ने एक हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की और देवी-देवताओं की तस्वीरों पर कीचड़ पोत दिया. घटना से इलाके में तनाव का माहौल है. इस बीच पुलिस ने जहां स्थानीय लोगों से शांति की अपील की है, वहीं हर समुदाय के स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा की है और कहा है कि यह इलाके में तनाव फैलाने के लिए बाहरी तत्वों का काम लग रहा है.

सूचना मिलते ही शिवपुर पुलिस थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है. इस बीच पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति की अपील की.
पुलिस के मुताबिक, उन्हें कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों को भगवा झंडा फाड़ते और मंदिर में लगे त्रिशूल को उखाड़कर नाले में फेंकते हुए देखा. पुलिस अब कार्यवाही की बात कर रही है लेकिन अगर मुख्यमंत्री ने श्रीरामनवमी शोभायत्रा पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के आदेश पुलिस को दिए होते तो हावड़ा में हिंदुत्व का परमपूज्य भगवा नाली में न फेंका जाता, त्रिशूल को उखाड़कर न फेंका जाता, देवियों की मूर्ती पर कीचड़ न पोता जाता. ये घटनाएँ एक तरह हिन्दुओं को बंगाल के अन्दर ही कश्मीर तथा पाकिस्तान के दर्शन करा रही हैं.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share