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बंगाल में एक गैंगरेप पीड़िता जब पहुंची पुलिस के पास तो उसने झेली वो पीड़ा जो और अधिक दर्दनाक थी… शामिल थे ममता के करीबी भी

पश्चिमी बँगला की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में सुशासन के दावे करती हैं तथा इसी के दम पर प्रधानमंत्री बनने का सपना भी देख रही हैं लेकिन ममता के राज में सुशासन की हकीकत क्या है, ये इस घटना से सामने आ रही है. पश्चिम बंगाल में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया जाता है तो वह युवती अपने पिता के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत करने जाती है तो उसे वो पीड़ा झेलनी पड़ती है जो और अधिक दर्दनाक होती है. चूंकि बलात्कारी ममता बनर्जी की राजनैतिक पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता होते हैं तो पुलिस मामला दर्ज करने से ही इंकार कर देती है तथा अंजाम भुगतने की धमकियां भी देती है.

मानवता तथा इंसानियत को शर्मशार करती ये घटना पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा के विष्णुपुर ब्लाक अंतर्गत पात्रशायर थाना क्षेत्र की है. यहां रहने वाली मुक-बधिर बच्ची इलाके की एक महिला के साथ गत 22 जुलाई को उल्टा रथ पूजा देखने के लिए गई थी. देर शाम तक जब वह वापिस नहीं लौटी तो उसके मां-बाप ने उसकी खोज शुरू की. बाद में इलाके के घटक मोड़ के पास उसे बेहोश हालत में पाया गया. जैसे तैसे उसे उठाकर घर लाया गया. थोड़ी देर बाद होश जाने पर उसमें इशारे-इशारे में अपने मां-बाप को अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की पूरी वारदात बताई. इस बात की जानकारी मिलने के बाद इलाके के लोग काफी आक्रोशित हुए और उसके बताए अनुसार कई युवकों को पकड़कर उसके सामने लाएं. उसमें से श्यामसुंदर खाड़ा और उसके दोस्तों को लड़की ने पहचाना. यह सारे लोग इलाके के तृणमूल कार्यकर्ता हैं. आरोप है इसके बाद ही मामले को दबाने के लिए इलाके का तृणमूल नेतृत्व सक्रिय हो गया था. पीड़िता के पिता को पार्टी कार्यालय में बुलाया गया और बोला गया कि केस करने की जरूरत नहीं है रुपये लेकर बात को खत्म करो.

लेकिन पीड़िता के पिता ने ये बात ठुकरा दी तथा पीड़िता के साथ थाने जा पहुंचे लेकिन वहां मौजूद थाना प्रभारी ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया. आरोप है कि पहले तो उसने कहा कि मामला ही झूठा है और उसके बाद जब लड़की के पिता इस बात पर अड़े रहे कि मामला दर्ज करना पड़ेगा तो उसने एक साधारण डायरी में मामला लिखा. थाना प्रभारी ने लड़की के पिता को धमकाना शुरू किया और कहा कि अगर मामला झूठा निकला तो तुम्हें गिरफ्तार कर हमेशा के लिए जेल में डाल दूंगा. लड़की के पिता ने बताया कि थाना प्रभारी ने पूछा कि केस को खत्म करने के लिए कितने रुपये लोगे. इसपर उन्होंने जवाब दिया था कि रुपये लेने से बेटी की इज्जत वापस कैसे आएगी? थाना प्रभारी ने धमकी देते हुए वापस भेजा था. घर पहुंचते ही फिर से पीड़ित परिवार को धमकी का सिलसिला शुरू हो गया दूसरे दिन लड़की के पिता को बुलाया गया और कहा गया कि केस नहीं उठाओगे तो यहां रहना मुश्किल कर देंगे. इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी विष्णुपुर के एसडीपीओ सुकोमल कांति दास को दी. मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत थाना प्रभारी को फोन लगाया एवं आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. इसके बाद श्यामसुंदर खाड़ा की गिरफ्तारी हो सकी है.

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