पहले गुनाह किया और जब पकड़े गए तो मज़हब को बीच में लाकर करना चाहते हैं पुलिस को बदनाम….. सही कहा था श्री नकवी ने

जहां एक ओर लोगों को पुलिस से शिकायत है कि पुलिस बदमाशों को पकड़ नहीं पा रही है तो वही दूसरी तरफ इन्ही लोगों को पुलिस की कार्यवाही से दिक्कत है। पुलिस की मदद करने की बजाय समुदाय विशेष के लोग उनके काम में बाधा डाल रहे है। पुलिस पर बेतुके और झूठे आरोप लगा रहे है। मजहबी लोग पुलिस द्वारा पकडे जा रहे बदमाशो का समर्थन कर रहे है। ये मजहबी लोग पहले कश्मीर में सुरक्षा बलों पर इल्जाम लगाते आ रहे लेकिन अब ये उत्तर प्रदेश में पुलिस पर भी आरोप लगाने में पीछे नहीं हट रहे है।

डकैतों के आतंक से हर कोई परेशान है और इनका आतंक पहले शाहगंज और रामपुर में भी देखा गया है। पुलिस ने अब तक डकैती में सलिप्त कई बदमाशों को हिरासत में लिया और कई को ढेर भी किया है। पुलिस अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रही है लेकिन समुदाय विशेष को यह बात हज़म नहीं हो रही है तभी तो ये लोग बदमाशों का समर्थन कर रहे है। हाली में ही कांग्रेस उपाध्यक्ष इमरान मसूद बदमाशों का समर्थन करते नज़र आये थे जिन्होंने उल्टा पुलिस पर ही तंज करते हुए कहा कि पुलिस बदमाशों की आड़ में बेगुनाहों को मार रही है।

ऐसा एक और मामला घटना उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है जहां डकैतियों की ताबड़तोड़ वारदातों के चलते पुलिस ने अंगूरी टांडा गांव में दबिश दी और कई आरोपियों को हिरासत में लिया। इस बात पर वहा के समुदाय विशेष ने जमकर हंगामा किया और पुलिस पर आरोप लगाए क्योंकि पकड़े गए लोग समुदाय विशेष के है। महिलाएं आरोप लगा रही है कि उनके परिवार के सदस्यों पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस बहुत सख्ती से उनके साथ पेश आ रही है।

मजहबी लोगों के लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए एसपी सिटी रोहित सिंह सजवाण ने कहा कि ”अंगूरी टांडा के लोगों को पूछताछ के लिहाज से ही लाया गया है और उनसे कोई सख्ती नहीं की जा रही। जो निर्दोष हैं, उन्हें छोड़ दिया जाएगा।”

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