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… जब गरीब पिता ने 2 साल बाद दिलाई अपनी बेटी को नई ड्रेस, पढ़ें भावुक कर देने वाली यह पोस्ट

नई दिल्ली : मां-बाप अपने बच्चों खूशी के लिए कुछ भी कर सकते है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ऐसी ही एक कहानी फेसबुक पर बार बार शेयर की जा रही है जिसमें एक पिता और बेटी के रिश्ते को खूबसूरती से दिखाया गया है।   ये दिल को छू जाने वाली कहानी बांग्लादेश की है।

बांग्लादेश के रहने वाले एमडी कवसर हुसैन अपनी बेटी के लिए बीते 2 सालों से नई ड्रेस नहीं खरीद पा रहे थे। दरअसल, कवसर हुसैन एक हादसे में अपना एक हाथ गंवा चुके हैं। हुसैन अपना गुजारा भीख मांग कर करते थे। जब वह अपना हाथ आगे बढ़ाते तो उन्हें खुद पर ही शर्म आती है।  

हुसैन को जब उसकी बेटी अपने हाथों से खाना खिलाती तो जानती थी कि एक हाथ से काम करना कितना मुश्किल है। पिता का कहना है कि जब वह अपना हाथ आगे बढ़ाते तो उन्हें खुद पर शर्म आती। लेकिन बेटी कभी हुसैन को अकेला नहीं छोड़ती। बेटी उन्हीं पुराने कपड़ों में सदा खुश रहने की कोशिश करती।

लेकिन जब हुसैन के पास भीख मांग कर कुछ पैसे आएं तो वो कपड़े की दुकान पर गए और बेटी के लिए बहुत खुशी से नए ड्रेस खरीदी। ड्रेस खरीदने के लिए एक दुकान पर पहुंचा और उसने अपनी जेब से कुछ पैसे निकालकर दुकानदार को थमाए तो उसे वहां से भिखारी कहकर दुत्कारते हुए भगा दिया गया। ये देख बेटी से नहीं रहा गया और वो अपने पिता को दुकान से बाहर लेकर चली गई। पिता ने एक हाथ से आंसू पोंछते हुए बेटी से कहा ‘हां मैं भिखारी हूं, मुझे नही चाहिए नए कपड़े पापा।’
 
आखिरकार अंत में हुसैन के लिए वह खूशी का पल आ ही गया जब वो अपनी गुड़ियां के लिए नए ड्रेस खरीद पाया किसी भी परिस्थिति में भीख मांग कर अपनी बेटी को पढ़ाया और उसके लिए नए कपड़े खरीदा। साथ ही दोनों बाप बेटी इस खुशी पला को बाहर घूम कार बिताया।     

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