समलिंगी गुलफाम और मुनव्वर अदालत से मांग रहे थे सुरक्षा क्योकि उन्हें कत्ल करने की मिल रही थी धमकी.. जानिए क्या जवाब दिया अदालत ने


सम्भव है कि ये फैसला नजीर बन जाए आने वाले समय में समलिंगियो के लिए और ब्रेक लगा दे उनकी बढ़ रही मांगो पर लेकिन जिस प्रकार से ३ तलाक के कानून बनने के बाद भी उसके उल्लंघन के तमाम मामले एक वर्ग विशेष से आ रहे हैं ठीक उसी प्रकार से अब धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम फैसला आने के बाद उठने शुरू हो गये हैं विवाद . इसी क्रम में अब सामने आये हैं उत्तर प्रदेश के शामली जिले के  २ युवक जिनके नाम है गुलफाम और मुनव्वर . इनको इनके घर परिवार और तमाम मजहबी लोगों ने हत्या की धमकी दी है जिस पर इन दोनों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था .

अपनी याचिका में इन दोनों ने अपने लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी क्योकि उनके हिसाब से उनके रिश्तेदार और घर वाले उन्हें जान से मार देने की धमकी दे रहे थे . इसी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समलैंगिक संबंद के विषय में बेहद अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने समलैंगिक संबंध बानाने वाले दो युवकों को किसी प्रकार की सुरक्षा दिए जाने से इनकार कर दिया है। अपने दिए फैसले में कोर्ट ने कहा कि कानूनी बाध्यताएं भले ही समलैंगिकता को लेकर हट गया हो लेकिन इस तरह के संबंधों का विरोध किया जाना अभी भी सामाजिक समस्या है।

अदालत ने इस समस्या का समाधान सीधे सीधे समाज की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इस बारे में समाज को ही अपनी जिम्मेदारी तय करना होगा। समलैंगिक युवकों द्वारा दी गई अर्जी को कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए इसे खारिज कर इसमे किसी प्रकार का दखल देने से साफ इनकार कर दिया है। ध्यान देने योग्य है कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रामजाद गांव के रहने वाले गुलफाम मलिक व मुनव्वर नाम के दो युवकों ने पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अर्जी दाखिल की। अर्जी में कहा गया है कि दोनों युवक एक समान उम्र के हैं। इसमें कहा गया कि हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं व एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। दोनों ने अपने समलैंगिक संबंधों की बात को कबूल किया और कहा कि उनके परिवार वालों को इससे आपत्ति है व दोनों को धमकी भी देतें हैं। परिवार वालों की धमकी व दबाव की वजह से वह साथ नहीं रह पा रहे हैं।


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