तोड़ डाले गये हैं कई पेड़ और खत्म कर दी गयी है पार्क की हरियाली जहाँ जिद है नमाज़ पढने की.. क्यों खामोश है नॉएडा प्राधिकरण और NGT ?

मात्र कुछ समय पहले की ही बात है जब श्री श्री रविशंकर ने यमुना के तट पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाया था . उस समय बेहद सात्विकता और शांति से वो कार्यक्रम संपन्न हुआ था लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद NGT तत्काल सक्रिय हुआ था और उसने एक भारी भरकम जुर्माना श्री श्री रविशंकर जी पर लगा दिया था . इसके अलावा और भी तमाम ऐसे कार्यक्रम हुए हैं जिसमे हिन्दू समुदाय को अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम करने के लिए NGT के जुर्माने और नोटिस आदि का शिकार होना पड़ा था .. पर नॉएडा के मामले में NGT की ख़ामोशी कई सवाल खड़े कर रही है .

विदित हो कि नॉएडा के पार्क में अवैध रूप से बिना प्रशासन की अनुमति के नमाज़ पढने वालों ने भले ही नेताओं के माध्यम से अपनी आवाज प्रशासन के खिलाफ बुलंद करनी चाही हो पर स्थानीय जनता नॉएडा के पुलिस प्रशासन की दिल खोल कर तारीफ कर रही है जिसने मुस्तैदी से एक सार्वजानिक स्थल को कब्ज़ा होने से बचा लिया . यहाँ पर कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस ही एकमात्र ऐसा विभाग है जो इस मामले में जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा है .. बाकी तमाम अन्य प्रशाशनिक विभाग अपनी कार्य शैली के चलते सवालों के घेरे में कहे जा सकते हैं .

सुदर्शन न्यूज ने जब ग्राऊंड जीरो से हालात का जायजा लिया तो नॉएडा में पानी की सिंचाई पेड़ों को हो रही थी जबकि कुछ लोग इसको भ्रामक प्रचार के रूप में नमाजियों को रोकने का हथकंडा बता रहे हैं . एक भारी पुलिस बल की मौजूदगी ही काफी थी किसी अवैध हरकत को रोकने के लिए, उसके लिए पानी भरने जैसी कहानी गढ़ना निश्चित तौर पर झूठी कहानी मानी जा सकती है . पार्क में जहाँ पहले नमाज़ पढ़ी जाती थी वहां पर तमाम पेड़ों के उखड़े होने के निशान पाए गये . कुछ पेड़ों के टूटे होने के भी साक्ष्य मौजूद हैं . ये पेड़ किस के आदेश पर कब टूट या कट गये ये जवाब नॉएडा अथारिटी नहीं दे पा रहा है .

इस मामले में ये भी बताया जा रहा है कि नमाज़ के बाद पार्कों में गंदगी भी देखी जाती थी . वो पार्क जिसमे सैकड़ों कम्पनियों के हजारों कर्मचारी अपने तनाव को दूर करने के लिए आते थे वहां पर घंटो बाहर रह कर नमाज़ खत्म होने का इंतजार करते थे , उनमे भी माइक पर अज़ान आदि उनके कानो में जोर से जाती थी . फिर जब नमाज़ खत्म हो जाती थी तब उनकी छुट्टी की अवधि भी खत्म हो जाती थी . जो थोड़े बहुत कर्मचारी बचते थे वो पार्क में फैली गंदगी देख कर लौट जाते थे . कड़े पेड़ों को और खत्म हुई हरियाली को ढकने के लिए आज से पार्क में सिंचाई शुरू की गयी जिसे कुछ ने दूसरे शब्दों में दुष्प्रचारित कर दिया . यहाँ पर NGT की भी ख़ामोशी हैरान कर रही है जो प्रदूषण से बुरी तरह से प्रभावित नॉएडा में पार्क में उखड़े या कटे हुए पेड़ों पर संज्ञान नहीं ले रहा है और न ही ध्वनि प्रदूषण के लिए लगाए जाने वाले माइक आदि पर कोई सवाल उठा रहा है . सवाल नॉएडा अथारिटी से भी है कि उन्होंने पुलिस जैसी तेजी क्यों नहीं दिखाई और वहां मौजूद कुछ लोगों के अनुसार अगर काफी समय से नमाज़ हो रही थी तो पार्को के हालात देखने और उन्हें संवारने की जिम्मेदारी उन्होंने किस को दे रखी है जो चुपचाप ये सब देख रहा था ख़ामोशी से .

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