वाराणसी में पर्दाफाश हुआ 900 शौचालयों में गबन का.. पड़ोसी जनपद चंदौली के गाँव ढोढियां की जनता सतर्क न होती तो यहाँ भी बनते वाराणसी जैसे हालात


चंदौली की जनता द्वारा दिखाई गई सक्रियता की तरीफ करनी ही होगी जिन्होंने एक गाँव के प्रधान की दबंगई को पार करते हुए अपनी सुरक्षा आदि की चिंता किये बिना शिकायत जिलाधिकारी स्तर तक पहुचाई है और सम्भावित बड़े घोटाले को सीमित करते हुए कम में ही प्रशासन की आँखे खोल दी हैं अन्यता चंदौली जनपद के प्रशासन को भी ठीक वही शर्मिंदगी झेलनी पडती जो शर्मिंदगी आज वाराणसी प्रशासन के अधिकरियो को झेलनी पड़ रही है .. वो भी प्रधानमन्त्री के संसदीय क्षेत्र में .

पहले चंदौली की बात करें तो यहाँ के सकलडीहा क्षेत्र के ग्राम प्रधान ढोढियां के अनिल मौर्या के ऊपर लगे हैं संगीन आरोप और न सिर्फ शौचालयों का धन बल्कि आवास आदि का भी पैसा खा लेने और उसको पूछने गये पत्रकारों से मार पीट भी करने का.. इतना ही नहीं , उनके गाँव के तमाम सम्मानित लोग जिलाधिकारी की चौखट तक गये. यद्दपि जिलाधिकारी ने यहाँ सक्रियता दिखाई और फ़ौरन जांच बिठा कर मामले की रिपोर्ट मंगा ली है जिस पर अब उन्हें निर्णय लेना है ..

लेकिन वहीँ ठीक बगल जिले वाराणसी में सामने आ रहा है ऐसा घोटाला जो वहां के अधिकारियो के लिए जल्द ही गले की फांस बन सकता है . मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहाँ व्यापक पैमानों पर शौचालयों के लिए आबंटित पैसे को हजम कर लिया गया है .. ठीक वैसे ही जैसे चंदौली के गाँव ढोढियां में आरोपित हुआ है .. वाराणसी जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों में दो लाख 76 हजार शौचालय बनाने के लिए भरपूर सरकारी मदद दी गई। लेकिन इन शौचालयों के निर्माण में धांधली का मामला सामने आया है।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार उच्च स्तर की जांच में पता चला है कि कई लोगों द्वारा शौचालय का निर्माण ना कराकर उसके पैसों को निजी रुप से इस्तेमाल कर लिया गया। अब तक की जांच में शहरी क्षेत्र के छह हजार में से 900 ऐसे लोग चिह्नित हुए हैं, जिन्‍होंने शौचालय न बनवाकर सरकारी धन का गबन किया है। मिल रही जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इन सभी के खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश दिया है। गबन करने वालों की थानावार सूची तैयार की जा रही है।

वहीं वाराणसी के ग्रामीण इलाके में मेंहदीपुर गांव में भी शौचालयों को निर्माण में धांधली का मामला सामने आया है। जिसके बाद प्रशासन ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के खिलाफ सरकारी धन की वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल 350 नोडल अधिकारी जिले में बने 2 लाख 76 हजार शौचालयों की जांच करेंगे, लेकिन यदि जरुरत समझी गई तो किसी और एजेंसी से भी इसकी जांच करायी जा सकती है। आरोपियों के दोषी साबित होने पर उन्हें जेल भेजकर उनसे सरकारी धन की वसूली की जाएगी।


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