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एक और पुलिस का जांबाज आया झूठ के निशाने पर. कमल शुक्ला बिजनौर की राह पर बरेली का जांबाज इंस्पेकटर…


पुलिस अपराधों को रोकने के लिए दिन रात एक कर रही है। वहीं कुछ मज़हब के लोग पुलिस पर जूठे इलज़ाम लगा कर उनकी वर्दी दागदार करने को उतारू हैं. जब पुलिस प्रशासन गुनाहगारों को पकड़ कर अपना कर्त्तव्य निभा रही है तो कुछ मज़हब की महिलायें उनपर एक खास तरह का आरोप लगा रही है। पुराने मामलों की तरह से फिर से एक मामला सामने आया है जिसमे महिला ने आरोप लगाया है की पति को छोड़ने के एवज में एक रात साथ बिताने की शर्त रखी है। मामला बरेली के थाना भमोरा क्षेत्र के सरदारनगर का है। महिला मुनीशा बेगम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है।

आरोप ऐसे जिस पर भरोसा करना मुश्किल हो जाये। मुनीशा बेगम का आरोप है कि सरदार नगर चौकी के दरोगा और एक कांस्टेबल ने उसके पति यूनुस को छोड़ने के एवज़ मे एक रात साथ रहने की शर्त रखी है। जब उसने इस बात का विरोध किया तो दरोगा और सिपाही ने उसे बैरक में खींचकर अश्लील हरकत की। महिला ने इस सम्बन्ध में शिकायत एएसपी जोगेन्दर सिंह से की है। गौरतलब हो की इससे पहले भी इस तरह का बेबुनियादी आरोप उत्तरप्रदेश पुलिस पर लगाया गया हैं. बिजनौर में एक पुलिस जवान कमल शुक्ला पर आरोप लगाया गया जो की जूठा साबित हुआ.
रामपूर में इंस्पेक्टर पर इसी तरह का आरोप लगाया वो भी जूठा साबित हुआ. जौनपुर में एक मुस्लिम आदमी ने दरोगा पर उसे जबरन आतंकवादी घोषित कर मारने की धमकी का आरोप लगाया वो भी जूठा साबित हुआ. योगी सरकार आने के बाद यह पांचवा मामला है उत्तरप्रदेश पुलिस पर जिसमे मुस्लिम महिला ने पुलिस वालो पर इस तरह का निराधार आरोप लगाया है और जिसमे से 3 मामलो में कोई आरोप सिद्ध न होने के कारण पुलिस को बाइज़्ज़त बरी कर दिया गया है. इस तरह पुलिस पर जूठे आरोप लगाना एक बहुत बड़ी साजिश के तहत पुलिस वालो को मानसिक रूप से कमजोर किये जाने की कोशिश है ताकि किसी यूनुस जैसे गुनहगार को बेचारा साबित किया जा सके और पुलिस को अपराधी।

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