मुहर्रम तो त्योहार माना जाता है.. फिर यासीन इसे रक्त से रँगना क्यो चाहता था ??


जन्नत कहे जाने वाली घाटी को जहन्नुम बना दिया कुछ चंद लोगों ने. कुछ लोग बस यही चाहते हैं की घाटी सुलगती रहे और उनका दुकान चलता रहे। सरकार हर बार कोशिश करती है घाटी में शांति बनाने के लिए पर ये अलगाववादी लोग नहीं चाहते की घाटी में शांति कायम हो। अभी सरकार ने भारत में घुस आये आतंकियों के सफाये का मिशन चला रखा हैं ,जिसके बाद घाटी में कुछ हद तक शांति बरकार हो रही है ,दूसरी तरफ NIA भी लगातार टेरर फंडिंग में सलिप्त लोगों पर लगातार पकड़ बनाये हुए हैं जिससे घाटी में बहुत हद तक माहौल शांतिमय बना हुआ हैं।

घाटी को फिर से सुलगाने की सजिश चल रही हैं ,घाटी के नेता ही घाटी में शांति देखना ही नहीं चाहते जिसके लिए किसी भी हद तक गुजरने को तैयार हैं। आपको बता दें की जम्मू कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता और जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख मुहम्मद यासीन मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी मुहर्रम के जुलुस से पहले की गयी है। पुलिस को मिली खुफिया जानकारी में पता चला हैं कि घाटी को मुहर्रम के दिन सुलगाने की साजिश चल रही हैं।

JKLF के हवाले से कहा गया है कि पुलिस का दल श्रीनगर के अबी गुजर इलाके में पहुंचा और मलिक व जेकेएलएफ के एक अन्य नेता बशीर अहमद को गिरफ्तार कर लिया।अभी पुलिस ने दोनों को श्रीनगर सेंट्रल जेल में रखा गया है। पुलिस को अंदेशा है कि अलगाववादी नेता मलिक मुहर्रम के मौके पर कुछ खुराफात कर सकता है। मुहर्रम के जुलुस को लेकर भी प्रशासन और सेना अलर्ट है। शांति के लिए लगातार प्रयत्न कर रहे सेना ने अंदेशा जताया हैं की आतंकी मुहर्रम पर नागरिकों को भी निशाना बना सकते हैं।

* फोटो सांकेतिक हैं 


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