बदल रहा है उत्तर प्रदेश का स्वरूप. पर्यटन स्थलों में अब आगरा, फतेहपुर नहीं बल्कि अयोध्या और काशी होंगे

अखिलेश सरकार की लैपटॉप, साइकिल ट्रैक और समाजवादी पेंशन योजना को बाय-बाय कर योगी सरकार ने अपना फोकस अयोध्या, काशी और मथुरा पर केन्द्रित किया है। योगी सरकार उत्तर प्रदेश में पर्यटन दिशा को बदलेगी। अयोध्या, मथुरा, काशी और विंध्याचल आस्था के साथ-साथ पर्यटन केन्द्रों में शामिल किया है। सरकार आस्था के केन्द्रों पर खर्च में बढ़ोतरी कर रही है। साथ ही योगी ने ये भी कहा की ताजमहल कभी आस्था का प्रतिक नहीं हो सकता, हां ताजमहल पर्यटन स्थल हो सकता है। 
 
उत्तर प्रदेश की नई नवेली सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में अपना पहला बजट पेश किया। बजट में हिंदू देवस्थानों के विकास, भगवान श्रीराम-कृष्ण और बुद्ध सर्किट को मंजूरी पर मुहर लगा दी। इसके अलावा अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, चित्रकूट, काशी और विंध्याचल अब आस्था के साथ-साथ पर्यटन के नए केंद्रों में शामिल किया गया। सरकार ने इन केन्द्रों के लिए अपना सरकारी खजाना खोल दिया है।
 
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा था कि ताजमहल हमारी आस्था का केंद्र नहीं हो सकता यह एक पर्यटन स्थल हो सकता है। उस वक़्त शायद ही लोगों ने यह अंदाजा लगाया होगा की आने वाले दिनों में योगी आदित्यनाथ अपनी इस कथनी को सत्यार्थ में बदल देंगे। योगी सरकार ने अपनी पहले बजट में पर्यटन के लिए अब आगरा को नजरअंदाज करते हुए सबसे ज्यादा तवज्जों, अयोध्या, मथुरा, काशी, वृंदावन, चित्रकूट, और विंध्याचल को दी है। 
इसके लिए योगी ने सरकारी खजाने को भी खोल दिया है जिससे बड़े मंदिरों, शोध संस्थानों, देव रास्तों और आध्यात्मिक म्यूजियम पर खर्च किया जाएगा। योगी सरकार ने इन सभी धार्मिक स्थलों पर एक साल में करीब दो हजार करोड़ से ज्यादा पैसा खर्च करने की योजना बनाई है। योगी सरकार ने अपने बजट में हिंदू आध्यात्मिक स्थलों के पर्यटन के विकास का योजना तैयार किया है। इसमें अयोध्या को राम सर्किट, मथुरा को कृष्ण सर्किट और काशी को बुद्ध सर्किट बनाने का प्रस्ताव पर मुहर लग गयी है। 
राम कृष्ण और बुद्ध सर्किट के लिए योगी सरकार ने बजट में 12 सौ करोड़ रुपये का व्यवस्था की है। इसमें इन स्थानों पर सुविधाओं के विकास पर 800 करोड़ खर्च किये जायेंगे, जो की पर्यटन के लिहाज से काफी अहम होगा। अयोध्या से चित्रकूट और अयोध्या से जनकपुर राम वन गमन मार्ग विकास के लिए इस बजट में पैसे का प्रबंध किया गया है। अयोध्या में रामायण कॉन्क्लेव आयोजित करने के लिए भी बजट की व्यवस्था की गई है। मथुरा में गीता शोध संस्थान के लिए एक करोड़ के बजट का प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
मथुरा में ही कृष्ण संग्रहालय की भी स्थापना का भी योजना बन चुकी है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सारनाथ को देखते हुए एक बुद्धिस्ट सर्किट बनाने की योजना को भी योगी सरकार ने हरी झंडी दे दी है। सरकार बुद्ध सर्किट पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान किया है। धार्मिक नगरी अयोध्या में योगी सरकार गुमनामी बाबा के दस्तावेजों और उनके पास से मिले सामान को धरोहर का रूप देने जा रही, गुमनामी बाबा के सभी दस्तावेज डिजिटल होंगे, ये गुमनामी बाबा को लोग सुभाष चंद बोस के रूप में मानते आये है। 
चित्रकूट में भी नागरिक सुविधाओं का विकास होगा और राम गमन मार्ग के मुख्य बिंदु होने की वजह से यहां सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च करने का ऐलान किया। बजट में योगी सरकार ने अपना एजेंडा साफ कर दिया है सरकार का हिंदुत्ववादी एजेंडा बजट में भी दिखा। योगी की इस योजना को लोगों ने काफी सराहनीय बताया, अब लोगों की उम्मीद योगी सरकार से बढ़ चुकी है, लोगों की नजर अयोध्या स्थित भागवान श्रीराम मंदिर निर्माण पर टिकी हुई है इसकी मंजूरी योगी सरकार कब तक करेगी।
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