डेढ़ लाख उन घरों में योगीराज में आया उजाला जिनके घर की सुध नहीं आई थी किसी अन्य को आज़ादी के बाद से

बिजली संकट की इस समस्या की निदान अब हो गया हैं। उत्तर प्रदेश में बिजली का सबसे बड़ी समस्या थी जिसका निदान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब कर दिया हैं।

आपको बता दे कि गरीबों के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए ‘सौभाग्य योजना’ के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में मेगा शिविर लगाकर 1.38 लाख लोगों को बिजली कनेक्श न दिए गए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में ‘सौभाग्य प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ की शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली संकट पूर्ववर्ती सरकारों की देन है। ग्रामीण उपकेंद्रों पर 2665 शिविर लगाकर आर्थिक और सामाजिक तौर पर कमजोर परिवारों को निशुल्क कनेक्श न दिए गए। अन्य ग्रामीण परिवारों को 50 रुपये की 10 मासिक किस्तों पर कनेक्शदन दिए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में बिजली संकट के लिए सीधे तौर पर सपा, बसपा और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बिजली समस्या पर इन सरकारों की अनदेखी नासूर बन गई।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के ऊर्जीकृत हो चुके 947 मजरों की पुस्तिका का भी लोकार्पण किया। इसके अलावा 1207 करोड़ की लागत से हापुड़, पीलीभीत, रामपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, बुलंदशहर और शाहजहांपुर में निर्मित ट्रांसमिशन की 400 केवी, 220 केवी एवं 132 केवी उपकेंद्रों की 7 परियोजनाओं और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लि. लखनऊ के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बने 33/11 केवी के 29 सबस्टेशनों का भी लोकार्पण किया।

वहीं सौभाग्य योजना के अंतर्गत कनेक्शन लेने के लिए ई-संयोजन मोबाइल एप भी लांच किया। इस दौरान केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह, विधानसभा अध्यक्ष ह्नदयनारायण दीक्षित, सूबे के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा, राज्यमंत्री ऊर्जा स्वतंत्रदेव सिंह, जिले के प्रभारीमंत्री रमापति शास्त्री, सांसद हरि साक्षी महाराज समेत सभी विधायक और अन्य संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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