कानून में भी आया हिन्दू मुसलमान… UPCOCA के खिलाफ एकजुट हुआ UP का विपक्ष

योगी सरकार जिस गति से काम कर रही है, यदि ऐसे ही करती रही तो वह दिन दूर नहीं जब देश के बीमारू राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की हालत में बड़ा सुधार आएगा.चूंकि अब योगी के रूप में एक ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री है, जिस पर जनता को अटूट विश्वास है और योगी की कार्य गति तथा दृढ इच्छाशक्ति दिखाती है कि वे जनता के विश्वास पर शत-प्रतिशत खरा उतरने के लिए कृत संकल्पित हैं.अगर यह कार्यगति अवरुद्ध न हुई तो आशा और विश्वास किया जा सकता है कि भविष्य में उत्तर प्रदेश का ‘उत्तम-प्रदेश’ बनना निश्चित है.

उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार यूपीकोका (UPCOCA) कानून लाने जा रही है. विवादों के बीच आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में यूपीकोका (उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) बिल पेश किया.योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने जब यूपीकोका का मसौदा तैयार किया और इसे कानूनी रूप देने की मंशा जाहिर तो इसका विरोध होने लगा. विपक्षी दलों समेत मुस्लिम संगठनों की तरफ से इस प्रस्तावित कानून को एक खास समुदाय को टारगेट करने का कदम करार दिया गया है.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस कानून का विरोध करना शुरु कर दिया हैं. उन्होंने कहा है कि यूपीकोका का इस्तेमाल दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के दमन के लिए होगा. इसलिए व्यापक जनहित में यूपीकोका को वापस लिया जाए. यूपीकोका से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाई जाएंगी. जिससे ये सुनिश्चित किया जाएगा कि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके. इस कानून के तहत आने आपराधिक मामलों की निगरानी खुद राज्य के गृह सचिव करेंगे.

यह सिद्ध है कि योगी सरकार को भले शासन में आए कुछ ही समय हुआ हो हो, मगर निर्णयों की फेहरिश्त और कार्य की गति को देखकर लगता नहीं कि ये सरकार नयी-नयी आयी है. यदि योगी सरकार ऐसे ही काम करती रही तो वह दिन दूर नहीं जब देश के उत्तर प्रदेश की हालत में सुधार आएगा.चूंकि अब योगी के रूप में एक ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री है, जिस पर जनता को अटूट विश्वास है अगर यह कार्यगति अवरुद्ध न हुई तो आशा और विश्वास किया जा सकता है कि भविष्य में उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम-प्रदेश’ बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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