11 इस टीम में भी थे, 11 उस टीम में भी थे.. इन 11 सुपरस्टारों के चेहरों पर मुस्कान थी, उन 11 गुमनामों की आंखों में अंगारे

एक ही देश थे दोनों . दोनों विदेश में खेल रहे थे ,एक ही धरती पर .. लगभग एक ही जगह से थे दोनों टीमों के खिलाड़ी , ११ उस टीम में थे और ठीक ११ इस टीम में . दोनों के हाथो में भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान थे ,,

एक टीम के ११ भारत के सुपरस्टार , टॉप गलैमरस , रुपये के ढेर पर सोने वाले और रूपये के लिए शराब तक बेचने का विज्ञापन करने वाले थे , दूसरी टीम के लोग बेहद मध्यमवर्गीय , गाँव परिवेश से थे . उनको खेलों के अलावा कभी टी वी पर शायद ही देखने का मौक़ा मिलता हो और उन्हें सुपरस्टार कहना भारत भूल समझता है .

सुपरस्टार टीम उस खेल को खेलती है जो ब्रिटेन का राष्ट्रीय खेल है , गुमनाम टीम उस खेल को खेलती है जो भारत का अपना राष्ट्रीय खेल है . 

सुपरस्टार टीम में जब सचिन अच्छा खेलता है तो वो क्रिकेट का “भगवान्” माना जाता था , गुमनाम टीम में मेजर ध्यानचंद या धनराज पल्लई कितना भी पसीना बहा ले वो ज्यादा से ज्यादा हॉकी का “जादूगर” माना जाता है .

सुपरस्टार खेल क्रिकेट को एक धर्म की तरह मान कर उसके खिलाडियों को सम्मान मिलता है . गुमनाम खेल हॉकी में धनराज पिल्लई को खुद मीडिया में बयान देना पड़ता है की अपने बेटे को कभी हॉकी खेलने के लिए नहीं कहूंगा .

सुपरस्टार टीम सरकार के आदेशों का पालना करने के लिए बाध्य नहीं है और वो जनभावनाओं के अनुरूप नहीं चलती है . पर गुमनाम हॉकी के खिलाडी सरकार के एक एक शब्द को मान कर जनभावनाओं के साथ खेलते हैं .

कल के खेल में सुपरस्टारों की टीम दुश्मन देश से हंसी मजाक करते हुए ठिठोली करते दिखी, हॉकी की टीम में हर खिलाड़ी की आँखों में केवल और केवल वो भाव थे जो एक शत्रु के लिए होते हैं ..

सुपरस्टारों की टीम ने मैच शुरू होने से पहले बलिदान हुए जवानो की याद में एक मिनट भी चुप रहना ठीक नहीं समझा पर , हॉकी की टीम ने पूरे मैच में काली पट्टी बाँध रखी जो दिखाती गयी की वो एक आतंकी देश के साथ मजबूरी में खेल रहे ..

सुपरस्टार टीम ने हार कर देश में एक राष्ट्रीय शोक जैसा हालत बनाया जिस पर कईयों ने अपनी टी वी तक फोड़ डाली .. पर हॉकी की टीम ने उस पाक को उसी धरती पर रौंद डाला … 

फिर भी सारी मीडिया और जनमानस में आराम से हारे क्रिकेट की चर्चा है , जांबाज़ी से जीते हॉकी वालों की कहीं नहीं .

ग्लैमर की चाहत देश को कहाँ ले जा रही है ये आत्ममंथन का विषय है ..जिसे केवल क्रिकेट भक्त को करना चाहिए . सुदर्शन न्यूज देश प्रेम में एक शत्रु पर विजय पाए हॉकी खिलाड़ियों को बारम्बार शुभकामनाएं देता है . 

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