Breaking News:

कश्मीर पर ओछी बयानबाजी कर रहे शाहिद आफरीदी पर भड़के गौतम गंभीर.. जवाब के साथ दिया अनोखा गिफ्ट

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है. उसे समझ नहीं आ रहा है कि किस तरह से भारत को घेरे. कश्मीर के मसले पर भारत को घेरने की पाकिस्तान की तमाम नापाक कोशिशें असफल हो चुकी हैं तथा दुनिया का कोई भी मुल्क पाकिस्तान की सुनने को तैयार नहीं है तथा भारत इस मुद्दे पर यूएन के साथ दुनिया का समर्थन तथा विश्वास हासिल कर चुका है. बार- बार मुंह की खाने वाला पाकिस्तान शायद ये भूल जाता है कि बाप-बाप होता है और बेटा-बेटा.

खिसियानी बिल्ली की तरह खम्बा नोचने वाला पाकिस्तान भारत को निशाना बनाने के लिए तमाम तरह के प्रॉपेगैंडा करने में जुटा हुआ है. पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के मंत्री तो मंत्री पाकिस्तानी क्रिकेटरों तक से अनुच्छेद 370 हटना बर्दाश्त नहीं हो रहा है. वो पाकिस्तानी क्रिकेटर जिन्हें आज भी भारत में तमाम लोग अपना हीरो मानते हैं, वह कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहे हैं.

पाकिस्तान के इन्हीं क्रिकेटरों में से एक क्रिकेटर हैं शाहिद अफरीदी जिन्होंने अपनी आधी अधूरी समझ के साथ कश्मीर पर बयानबाज़ी की है. अफरीदी की इस बयानबाज़ी का पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने उन्हें ट्वीट का जवाब ट्वीट से दिया है. दरअसल बुधवार को पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने ट्वीट कर एलान किया कि पीएम इमरान खान के ‘कश्मीर आवर’ कार्यक्रम का सभी समर्थन करें जिसको कश्मीरियों के समर्थन के लिए शुरू किया गया है. अफरीदी ने यह भी लिखा कि शुक्रवार दोपहर 12 बजे वो मजार-ए-काएद में उपस्थित रहेंगे और 6 सितंबर को शहीदों के घर का दौरा कर जल्द एलओसी भी जाएंगे.

शाहिद अफरीदी के इस ट्वीट का जवाब देते हुए गौतम गंभीर ने लिखा कि – ‘दोस्तों, इस फोटो में शाहिद अफरीदी खुद शाहिद अफरीदी से पूछ रहे हैं कि उन्हें शाहिद अफरीदी को अगली बार शर्मिंदा करने के लिए क्या करना चाहिए, जिससे कि यह साबित हो सके कि शाहिद अफरीदी ने परिपक्व होने से इनकार कर दिया है. मैं उनकी मदद के लिए ऑनलाइन बच्चों का ट्यूटोरियल ऑर्डर कर रहा हूं.’

गौतम ने एक मीडिया एजेंसी से बात करते हुए शाहिद अफरीदी के ट्वीट को उनके अविकसित दिमाग की उपज बताया और कहा कि मुझे लगता है कि उनके बारे में ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कभी बड़े नहीं होते. क्रिकेट खेलने के वक्त उनकी जितनी उम्र होती है वही उनकी बाद में भी रहती है. उनका दिमाग वक्त के साथ विकसित नहीं होता. गंभीर ने यह भी कहा कि अगर अफरीदी को राजनीति का इतना शौक है और हर मुद्दे पर राजनीति करनी है तो उन्हें पॉलिटिक्स ही जॉइन कर लेना चाहिए.

Share This Post