महान खिलाड़ी के साथ महानतम व्यक्तित्व भी हैं वीरेन्द्र सहवाग.. टुकड़े-टुकड़े गैंग को शायद पता न हो उनका ये काम


वीरेन्द्र सहवाग… पूर्व भारतीय तूफानी सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग.. ये वो नाम है जिसे भारत का बच्चा-बच्चा जानता है. वीरेन्द्र सहवाग जब क्रिकेट खेलते थे, क्रिकेट प्रेमी टीवी से चिपक जाते थे. कभी अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से लाखों फैंस के दिलों पर राज करने वाले वीरेंद्र सहवाग जब तक क्रीज पर रहते थे, दुनिया के बड़े से बड़े गेंदबाज के लिए उन्हें गेंदबाजी करना मुश्किल होता था. आज वीरेन्द्र सहवाग का जन्मदिवस है. वीरू के नाम से विख्यात सहवाग के जन्मदिन पर आज हम उनके बारे में ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो ये साबित करता है कि वीरू एक महान खिलाड़ी के साथ ही महानतम व्यक्तित्व भी हैं.

वीरेन्द्र सहवाग के इस व्यक्तित्व के बारे में जानकर जहाँ राष्ट्रवादियों को गर्व का अनुभव होगा तो वहीं टुकड़े-टुकड़े गैंग मातम भी मना सकती है. क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद वीरेंद्र सहवाग आज भी किसी ना किसी वजह से खबरों में छाए रहते हैं. सहवाग की कमेंट्री हो या फिर सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट, फैंस उन्हें बेहद पसंद करते हैं. लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग एक ऐसे मिशन में जुटे हुए हैं जिसे जानकर उनके हर फैंस का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा.

दरअसल वीरेंद्र सहवाग हिंदुस्तान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले दो बलिदानियों के बेटों को अपनी क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग दे रहे हैं और उनका सपना उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलते देखना है. झज्जर में वीरेंद्र सहवाग के सहवाग इंटरनेशनल स्कूल में अर्पित सिंह और राहुल सोरेंग नाम के दो बच्चे पढ़ते हैं. ये दोनों ही बच्चे पुलवामा हमले में बलिदान हुए दो जवानों के बेटे हैं. अर्पित सिंह के पिता राम वकील और राहुल सोरेंग के पिता विजय सोरेंग 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे.

जिसके बाद वीरेंद्र सहवाग ने इन दोनों बच्चों को अपने स्कूल में मुफ्त शिक्षा और एकेडमी में क्रिकेट ट्रेनिंग देने का फैसला किया था. बुधवार को सहवाग (Virender Sehwag) ने अपने ट्विटर अकाउंट में इन दोनों बच्चों की तस्वीरें पोस्ट की. जिसमें अर्पित सिंह बल्लेबाजी और राहुल सोरेंग गेंदबाजी करते दिख रहे हैं. सहवाग ने ट्वीट में लिखा कि हीरोज के बेटे. सहवाग स्कूल में इन दोनों बच्चों का पढ़ना हमारे लिए सौभाग्य की बात है. यह किस्मत की बात है कि हम उन्हें अपनी तरफ से थोड़ा सा भी योगदान कर पा रहे हैं. कुछ ही खुशियां होंगी, जो इनसे ऊपर रखी जा सकें.


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