बधाई दीजिये गुरुग्राम की उभरती हुई मुक्केबाज #प्राची को जिसने BFI सब-जूनियर नैशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता है #गोल्ड

कहते हैं न कि पूत के पांव पालना में ही दिख जाते हैं तथा मेहनत कभी जाया नहीं जाती. इसी बात को चरितार्थ कर रही है हरियाणा के गुरुग्राम के मनोज किन्हा की 14 वर्षीय बेटी प्राची किन्हा. प्राची किन्हा ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया द्वारा आयोजित बीएफआई सब-जूनियर नैशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल जीतकर न अपने परिवार का नाम रोशन किया है बल्कि संकेत दिया है भारतीय बॉक्सिंग के उस स्वर्णिम भविष्य का जब ये बेटी आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता के नये झंडे गाड़ेगी तथा हिंदुस्तान का नाम रोशन करेगी. आपको बता दें कि प्राची किन्हा ने बीएफआई सब-जूनियर नैशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 40 किलोग्राम भारवर्ग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता है. प्रतियोगिता का समापन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडनवीस ने किया.

ज्ञात को कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा बीएफआई सब-जूनियर नैशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित की गयी थी. प्रतियोगिता का आयोजन 1 सितम्बर को किया गया था जिसमें 21 राज्यों के 350 खिलाड़ियों ने भाग लिया था. इससे प्रतियोगिता में प्राची किन्हा 40 किलोग्राम भारवर्ग कैटेगरी में खेलने उतरी थी जिसमें उन्हें 5 दौर के मुकाबले से गुजरना पड़ा तथा हर प्राची ने मुकाबले को फतह करते हुए गोल्ड जीता. आपको बता दें कि प्राची को लीग राउंड में बाई मिली थी. उन्होंने प्री क्वार्टरफाइनल में उत्तराखण्ड की बॉक्सर को 5-0 से हराया. क्वार्टरफाइनल मुकाबले में U.P की बॉक्सर को 4-1 से हराया तथा सेमीफाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र की मुक्केबाज को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था.  फाइनल मुकाबले में प्राची किन्हा ने काफी आक्रामक गेम खेला तथा दिल्ली की सिया को 5-0 से हराकर गोल्ड पर कब्जा किया. दिल्ली कि सिया को सिल्वर मैडल से संतोष करना पड़ा. सुदर्शन सिया को भी सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई देता है.

आपको ये जानकर बेहद की खुशी होगी कि ये प्राची की मेहनत और लग्न का नतीजा है जो प्राची ने अब तक अपनी सभी प्रतियोगिताओ में गोल्ड ही जीता है. इससे पहले 24 से 27 मई तक जींद में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्राची ने स्टेट गोल्ड जीतकर नेशनल में प्रवेश किया था. गोल्ड जीतने के बाद प्राची ने कहा कि उसे स्वयं पर पूरा विश्वास था कि जिस तरह से उसने तैयारी की है, वह निश्चित रूप से गोल्ड जीतेगी. प्राची ने कहा उसे शुरू से ही बॉक्सिंग काफी पसंद रही है. प्राची ने कहा कि अभीए तो उसकी सिर्फ शुरुआत भर है तथा असली मुकाम पाना अभी बाकी है. प्राची ने कहा कि उसका लक्ष्य आगे चलकर भारत को ओलंपिक में गोल्ड दिलाना है तथा दुनियाभर के मुक्केबाजों के सामने तिरंगा का नाम रोशन करना है.

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