सिर्फ एक साल में क़त्ल किये गये लगभग एक लाख निर्दोष… लेकिन अभी तक आतंकवाद का धर्म नहीं पता

आतंकवाद को धर्म या मजहब से नहीं जोड़ा जा सकता…आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. ये थ्योरी हिन्दुस्तान सहित कई

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