4 नवम्बर- जन्मदिवस अमर बलिदानी वासुदेव बलवंत फड़के जिनकी जलाई ज्वाला में स्वाहा हुई ब्रिटिश पल्टन

कुछ चाटुकार इतिहासकारों के षडयंत्र के कारण भुला दिए गए अनंत अमर बलिदानियों में से एक श्री वासुदेव बलवंत फड़के

Read more

28 सितंबर: जन्मजयंती आज़ादी के असल हकदार युवाओं के शौर्यपुंज, क्रांतिवीर भगत सिंह जी

घोड़ी चढ़ दुल्हन लाते सभी , सूली चढ़ आजादी लाये कोई ….. वो परम बलिदानी जिसने अपनी जिंदगी ही नहीं

Read more

14 सितंबर: बलिदान दिवस वीर लाला जयदयाल, 1857 में खत्म कर दिया अत्याचारी मेजर बर्टन का परिवार और फिर हंस कर झूल गए फांसी पर

किसी लक्ष्य का ठेका ले लेना और फिर उस लक्ष्य को पूरा करना दोनों में बहुत अंतर होता है .

Read more

21 अगस्त- जन्म दिवस लेफ्टिनेंट नटराजन पार्थिबन, गोलियों से छलनी ये वीर लड़ता रहा इस्लामिक आतंकियों से और 4 को मार कर अमर हो गया

कोई कितना भी कोशिश क्यों ना कर ले हर त्याग और बलिदान को अपने और अपने घर वालों के आस

Read more

19 अगस्त- जन्मदिवस महायोद्धा ए बी तारपोरे.. 1965 पाकिस्तान युद्ध के वीर जिनके अंतिम शब्द थे- “मैं जा रहा जवानों पर याद रखना, एक इंच भी जमीन न जाने पाए”

ये वो वीर हैं जिनका नाम लेने में भी समस्या थी शायद नकली कलमकारों को .. अपनी एक एक सांस

Read more

8 अगस्त: “राज्याभिषेक दिवस” महान हिन्दू सम्राट कृष्णदेव राय जिन्होंने कई घुसपैठी मुगल सुल्तानों को अकेले चटाई थी धूल

जिन वीरों के स्मरण मात्र से ही भुजाएं फाडक उठती हैं , जिनके शौर्य की गाथा भारत ही नहीं बल्कि

Read more

6 अगस्त: जन्मजयंती क्रांतिवीर रामफल मंडल जो फांसी से पहले बोल कर गये थे कि – “हमारा दुश्मन सीमा पार नहीं बल्कि अंदर ही है”

वो नाम जिन्हे खुद तो लिया भी नहीं और किसी और को लेने भी नहीं दिया गया .. वो नाम

Read more

4 अगस्त: जन्मजयंती महायोद्धा सदाशिवराव भाऊ, जिन्होंने महाराष्ट्र से निकल कर पानीपत में ललकारा था विधर्मरुपी अब्दाली को

कुछ दिन पहले एक विधर्मी ने शंभाजीनगर(औरंगाबाद) की धरती से एक वर्ग विशेष की ताकत की बात की थी ,

Read more

24 जुलाई: बलिदान दिवस पर नमन है अंग्रेजो की जड़ें हिला देने वाले उस वीर चैन सिंह को जिन्हें कहा जाता है मध्यप्रदेश का मंगल पाण्डेय

प्रचार होना बलिदान के चरम को नहीं दिखाता है . . भारत में कुछ लोगों ने अपने प्रचार को ही

Read more

20 जुलाई: पुण्यतिथि पर नमन है क्रांतिवीर बटुकेश्वर दत्त को जिन्हें उन्ही द्वारा स्वतंत्र कराये गए भारत में मिली एक गुमनाम मृत्यु

बिना खड्ग बिना ढाल के इतने शोर में वो बारूद के धमाके भी खो गए जो केवल और केवल हमारे

Read more