Breaking News:

18 जनवरी: 1857 के 18 क्रांतिवीरों ने आज ही रायपुर में काट लिया था अत्याचारी मेज़र सिडवेल का सिर, जिनके मुखिया थे हनुमान सिंह.. इन सबको बाद में उड़ा दिया गया तोप से

नकली कलमकारों की साजिश के शिकार गुमनाम बलिदानियों की जिस गौरवगाथा को सुदर्शन न्यूज हर दिन आपके सामने लाता है

Read more

28 दिसंबर: बलिदान दिवस 1857 क्रांति के अग्रदूत राव रामबख्श सिंह जी.. इन्हें फाँसी देने वाली रस्सी 2 बात टूटी, लेकिन तथाकथित इतिहासकारों की नींद नही

सम्भवतः आप मे से तमाम इनका नाम नहीं जानते होंगे, अगर जानते भी होंगे तो बहुत कम.. इन्होंने खड्ग और

Read more

22 नवम्बर: जन्मजयंती वीरांगना झलकारीबाई जयंती. 1857 महायुद्ध की वो महानायिका नारी शक्ति जिनकी यशगाथा सवाल है “बिना खड्ग बिना ढाल” वाले गाने पर

भले ही नकली कलमकारों व कथित इतिहासकारों ने नारी शक्ति की उस प्रतीक के साथ न्याय नहीं किया हो लेकिन

Read more

18 सितम्बर: बलिदान दिवस पिता-पुत्र राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह जो तोप से उड़ा देने तक प्रजा को देते रहे युद्ध का संदेश

कितना सच है दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल .. इस गाने में कितनी सच्चाई है ये ऐसे

Read more

3 सितम्बर- आहुति दिवस बाल वीरांगना कुमारी मैना. 1857 महायुद्ध में सबसे कम आयु की आहुति, मात्र 13 वर्ष… विचार कीजिए कि हमें आजादी कैसे मिली ?

इन वीरांगनाओं की आहुति को जान कर वो कौन होगा जो बिना खड्ग बिना ढाल वाले गाने को गायेगा .

Read more

19 जुलाई: जन्मजयंती महावीर मंगल पाण्डेय.. आज भी जिसके नाम से होता, रोम रोम में कम्पन है.. भारत के उस बाहुबली की हिम्मत का अभिनंदन है

आज का पवन दिन उस गाने को गाली के समान साबित करता है जिसे अमूमन हर व्यक्ति को रटाया गया

Read more

22 जून: बलिदान दिवस सेठ अमरचन्द बांठिया.. जिंदगी भर कमाई पूरी पूँजी दे दी क्रांतिकारियों को जिसे अंग्रेजो ने माना अपराध और दे दी फांसी

इन्हें कहीं किसी किताब आदि में आप नहीं पायेंगे .. ये जीवंत भामाशाह हैं १८५७ की क्रांति के जिन्होंने अपना

Read more

13 जून: बलिदान दिवस “राजा बलभद्र सिंह” .. भाई का विवाह और गर्भवती पत्नी दोनों को छोड़ कर कूद गए 1857 के संग्राम में और कई अंग्रेजो का वध करते हुए आज ही हुए थे बलिदान

ये वो योद्धा था जिनका जिक्र शायद किताबों में न मिले . यद्द्पि इन्होने किताबों में खुद को लिखवाने के

Read more

10 मई – वो पावन दिन जब मेरठ से शुरू हुआ था 1857 का स्वतंत्रता संग्राम ..खुद अंग्रेजों ने लिखा है कि – “क्रांति के मुखिया बहादुरशाह जफर की जगह तात्या टोपे होते तो हम हार जाते”

देश के अंदर रह कर आज़ादी के नारे लगाने वाले ये वही गद्दार हैं जिनके पुरखों ने तब गद्दारी की

Read more

27 अप्रैल – वो दिन जब मणिपुर में अनगिनत बलिदान देने के बाद भी हमारे हाथ से निकल गया था “कांगला का किला”. जंग थी 1857 की

इस इतिहास को बताते तो शायद उनके तथाकथित आका नाराज होते . यद्दपि कलम भी हिलने लगती क्योकि उन्हें सच

Read more