Breaking News:

जानिये लोकसभा 2019 में कितने मुसलमान जीते ? वो कौन कौन से हैं और कहाँ से ?

भारत की नई सरकार को मिला प्रचंड बहुमत इस बार पर भी काफी निर्भर करता है कि देश में छद्म

Read more

जैश के 3 दुर्दांत आतंकियों को ढेर कर अमर हुआ राष्ट्र का 1 रक्षक.. आतंकियों में एक का नाम नसीर “पंडित”

आतंक को कश्मीर ही नहीं देश के हर कोने से खत्म कर देने पर आमदा वतन के रखवालों को उस

Read more

ISIS का दावा- “भारत में बन चुका है उसका एक प्रांत जिसका नाम है- ‘विलायाह ऑफ हिंद’.. आतंक प्रेमी अनोखे कथित सेकुलरिज्म का दिख रहा असर

एक वर्ग को खुश करने में और दूसरे वर्ग को दबाने के चक्कर में अपनी सभी सीमायें पर कर देने

Read more

जब सिद्धार्थ हिन्दू था तब वो सेकुलर था.. फिर उसने कबूला इस्लाम और बन गया अबू रूमायशा. अब वो है सीरिया का सबसे दुर्दांत आतंकी

एक ऐसा घटनाक्रम जिसको दबाने की हर सम्भव कोशिश की गयी.. किसी का आमूलचूल जीवन कैसे पलटता है इसको कोई

Read more

अफगानिस्तानी मुस्लिमों की मदद करने गये अमेरिकी NGO के आफिस पर ही इस्लामिक आतंकी हमला. कई मरे

वो NGO अफगानिस्तान गया था ये भावना ले कर कि आतंकी हमलों में घायल हुए मुस्लिमों के साथ अन्याय हो

Read more

पाकिस्तान के लाहौर में भीषण ब्लास्ट.. 10 मरे, 30 घायल. प्रसिद्ध सूफी की मजार नहाई पाकिस्तानियों के रक्त से

आतंक किसी का सगा नहीं है और ये वो अजगर है जो हर किसी को निगल जाता है भले ही

Read more

वामपंथी अग्निवेश का शायद पहला ऐसा बयान जिस पर हिन्दू संगठन हुए खुश.. बोले – “पूरी तरह सहमत’

खुद से खुद के नाम में स्वामी लगाने वाले और भगवा वस्त्र पहने कर हिन्दुओं के धर्मगुरु दिखाने की कोशिश

Read more

निजामुद्दीन और हयात की मांग सुप्रीम कोर्ट से थी कि “रमजान” में बदला जाय मतदान का समय, भूखे प्यासे कैसे डालेंगे वोट ?.. क्या रहा फैसला ?

भारत के संविधान के नियमानुसार होने वाले चुनावों के बीच में एक ऐसी मांग उठी थी जो सीधे सीधे इस्लामिक

Read more

10 आतंकियों की लाशो को गुमनाम जगह दबा दिया श्रीलंकाई फ़ौज ने. फटक भी नहीं पाया कोई.. कहीं तो निकलते हैं जुलूस और शामिल होते हैं हजारों

आतंक के पहले हमले के बाद अब श्रीलंका ने भी अपने तेवर कड़े कर दिये हैं और सबसे पहले मजहबी

Read more

बंगलादेशी, रोहिग्या के बाद क्या दुर्दांत श्रीलंकाई मुसलमानों को भी झेल पायेगा भारत ? संयुक्त राष्ट्र तलाश में ऐसे देश की जो रख सके इन्हें

एक बार फिर से मंथन हो रहा है एक देश का, ठीक उसी अंदाज़ में जिस तरह से कुछ समय

Read more