“तू क्या सोच रहा थानेदार, मेरा गंदा ही सही पर धंधा बंद करवा कर तू आराम से रह लेगा ?” – कुछ ऐसी ही चुनौती दे कर गया था शकील श्रावस्ती पुलिस के थानेदार यशवंत को

न्याय पथ के पत्थरों से जूझ रहे थानेदार यशवंत चौधरी . कर्तव्यनिष्ठा पर झूठे आरोपों की बौछार फिर भी सत्य पर अटल और अडिग

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