भारतीय सेना के नित नए आयामों के क्रम में हिमालयी अभियान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यानी 3 अप्रैल को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक से माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) और माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर) अभियानों को झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। भारतीय सेना के माउंट एवरेस्ट अभियान में 34 पर्वतारोहियों की टीम शामिल है, जिसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी करेंगे।
वहीं, भारत और नेपाल की संयुक्त टीम माउंट कंचनजंगा पर चढ़ाई करने के लिए रवाना होगी, जिसमें भारतीय सेना के 12 और नेपाली सेना के 6 पर्वतारोही शामिल होंगे, इस टीम का नेतृत्व कर्नल सरफराज सिंह करेंगे। तो वही NCC के संयुक्त अभियान में 10 कैडेट्स, 5 लड़कियां और 5 लड़के शामिल होंगे, जिसमें कुल 21 सदस्य होंगे। इस अभियान का नेतृत्व कर्नल अमित बिष्ट करेंगे।
रक्षा मंत्री ने पर्वतारोहियों से संवाद करते हुए कहा कि माउंट एवरेस्ट और कंचनजंगा पर चढ़ाई से युवाओं को एक नई प्रेरणा मिलेगी तथा उनके साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे अभियान युवा पीढ़ी को प्रेरित करेंगे और भारत को उच्च ऊंचाई वाले पर्वतारोहण में वैश्विक नेतृत्व में उचित स्थान दिलायेगें।
भारत और नेपाल के बीच संयुक्त पर्वतारोहण अभियान का उद्देश्य माउंट कंचनजंगा की चोटी को फतह करना है। इस अभियान में भारतीय सेना के 12 और नेपाली सेना के 6 पर्वतारोहियों की टीम शामिल है, जो भारतीय और नेपाली सेना के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। ये अभियान भारतीय सेना की उत्कृष्ट पर्वतारोहण क्षमताओं और कठोर परिश्रम का प्रतीक होंगे, जो न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत को दर्शाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को साहस और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा भी देंगे।