हरियाणा में 2 मार्च को निकाय चुनाव चुनाव होने जा रहे है. हरियाणा नगर निकाय चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय के बीच कांटे की टक्कर है. वहीं चुनाव को लेकर सभी दलों ने कमर कस ली है. नगर निकाय चुनाव के लिए राजनीतिक नेताओं का प्रचार अभियान भी तेज हो गया है. सभी पार्टी के प्रत्याशी घर-घर जाकर लोगों से वोट की अपील कर रहे है.
भाजपा ने 2 मार्च को होने वाले शहरी निकाय चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. सीएम नायब सैनी खुद हर नगर निगम में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस निकाय चुनाव को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आ रही है. यही हाल बाकी पार्टियों का भी नजर आ रहा है.
वहीं इस बीच हरियाणा के राज्य चुनाव आयोग ने दो मार्च को होने वाले शहरी निकाय चुनाव वीवीपैट (वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल मशीन) लगी ईवीएम से कराने में असमर्थता जताई है. दरअसल, जिन ईवीएम में वीवीपैट लगी होती है, उनमें वोट डालने के बाद सात सेकेंड तक स्क्रीन पर पूरी जानकारी आ जाती है.
वहीं वीवीपैट के अभाव में मतदाता यह नहीं देख पाएंगे कि उनका वोट उसी उम्मीदवार को मिला है, जिसे उन्होंने दिया है. वहीं इस पूरे मामले पर राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है और इन्हें किसी भी सूरत में हैक नहीं किया जा सकता है.
बता दें कि, राज्य में 10 नगर निगमों समेत 40 शहरी निकायों में आम चुनाव और उपचुनाव होने वाले हैं. पानीपत शहरी निकाय में 9 मार्च को औऱ बाकी सभी शहरी निकायों में 2 मार्च को वोट डाले जाएंगे. वहीं 12 मार्च को मतों की गिनती होगी.