भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन युद्धपोत INS Tarkash ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पश्चिमी हिंद महासागर में 2500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों की तस्करी को नाकाम कर दिया। इस अभियान ने समुद्री अपराधों के खिलाफ भारतीय नौसेना की मजबूत प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है।
INS Tarkash की तैनाती और ऑपरेशन का संचालन
INS Tarkash को जनवरी 2025 से पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा अभियानों के तहत तैनात किया गया था। यह युद्धपोत कंबाइंड टास्क फोर्स (CTF) 150 के तहत कार्य कर रहा है, जो कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) का हिस्सा है और इसका मुख्यालय बहरीन में स्थित है। वर्तमान में यह जहाज मल्टी-नेशनल फोर्सेज के संयुक्त अभियान ‘Anzac Tiger’ में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
31 मार्च 2025: गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का पता चला
31 मार्च 2025 को INS Tarkash समुद्री गश्त पर था, जब भारतीय नौसेना के P8I एयरक्राफ्ट से संदिग्ध जहाजों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। इन जहाजों को नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने का संदेह था। सूचना मिलते ही INS Tarkash ने तुरंत अपनी दिशा बदली और इन संदिग्ध जहाजों को रोकने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी।
संदिग्ध जहाज की घेराबंदी और गहन तलाशी अभियान
INS Tarkash ने विभिन्न संदिग्ध जहाजों की पहचान कर उनकी विस्तृत जांच शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध धौं (परंपरागत जहाज) को रोका गया। नौसेना के विशेष बोर्डिंग दल और मरीन कमांडो (MARCOS) जहाज पर चढ़े और गहन तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान विभिन्न सीलबंद पैकेट मिले, जिनमें से कुल 2500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद हुए। इसमें शामिल थे:
-2386 किलोग्राम हशीश
-121 किलोग्राम हेरोइन
तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
संदिग्ध जहाज को पूरी तरह INS Tarkash के नियंत्रण में ले लिया गया और उसके क्रू मेंबर्स से गहन पूछताछ की गई। उनसे यह पता लगाने की कोशिश की गई कि यह तस्करी नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है और क्या इस इलाके में और भी ऐसे जहाज सक्रिय हैं।
भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा में बढ़ती भूमिका
इस बड़ी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय नौसेना समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
INS Tarkash की इस सफल कार्रवाई से हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने में मजबूती मिलेगी और समुद्री अपराधों पर कड़ा प्रहार होगा। भारतीय नौसेना का यह ऑपरेशन क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।