हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन न केवल हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक भी है। इस दिन भक्तगण श्रीराम की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
राम नवमी 2025 कब मनाई जाएगी?
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष राम नवमी का पर्व 6 अप्रैल 2025, रविवार को मनाया जाएगा। नवमी तिथि 5 अप्रैल को शाम 7:27 बजे शुरू होगी और 6 अप्रैल को शाम 7:24 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, राम नवमी का व्रत और पूजन 6 अप्रैल को ही संपन्न किया जाएगा।
राम नवमी 2025 के शुभ योग
इस वर्ष राम नवमी के दिन तीन अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है। ये योग भक्तों को पूजा-पाठ और शुभ कार्यों में विशेष सफलता प्रदान करेंगे।
1. रवि पुष्य योग (Ravi Pushya Yog)
शुभ मुहूर्त: 6 अप्रैल सुबह 6:18 बजे से 7 अप्रैल सुबह 6:17 बजे तक
महत्व: इस योग में किया गया कोई भी धार्मिक कार्य, व्यापारिक शुरुआत और पूजन विशेष फलदायी होता है।
2. सर्वार्थ सिद्धि योग (Sarvartha Siddhi Yoga)
शुभ मुहूर्त: पूरे दिन
महत्व: यह योग हर प्रकार के शुभ कार्यों को सिद्ध करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
3. सुकर्मा योग (Sukarma Yoga)
शुभ मुहूर्त: सुबह से लेकर शाम 6:55 बजे तक
महत्व: यह योग जीवन में सफलता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है।

राम नवमी का महत्व और पूजन विधि
राम नवमी पर भगवान राम की स्तुति, भजन-कीर्तन, हवन और व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान श्रीराम के जन्म की कथा का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- सुबह स्नान के बाद भगवान राम की मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराएं।
- रामचरितमानस और रामायण का पाठ करें।
- भगवान को फल, पंचामृत और तुलसी अर्पित करें।
- हनुमान जी की भी पूजा करें क्योंकि वे श्रीराम के अनन्य भक्त हैं।
- राम नाम का कीर्तन और भजन करना विशेष लाभकारी होता है।
श्री राम नवमी का यह पावन पर्व हमें धर्म, सत्य और न्याय की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। इस शुभ अवसर पर सभी भक्तजन भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सुख-समृद्धि से परिपूर्ण कर सकते हैं।