भारत का अब दुनिया में डंका बज रहा है. भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशव पटल पर एक अलग पहचान बनाई है. ऐसे में दुनिया की सभी बड़ी ताकतें पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट की ओर बढ़ रही हैं. जी हां.. हम बात कर रहे हैं लड़ाकू विमान एडवांस कंबैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) की.
बता दें कि, भारत पांचवीं पीढ़ी का अपना लड़ाकू विमान एडवांस कंबैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) डेवलप करने में लगा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, दुनिया में अमेरिका, रूस और चीन के पास पुख्ता तौर पर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं. इसके 2032 तक डेवलप कर लिए जाने की संभावना है.
इस बीच जानकारी सामने आई कि, रूस और अमेरिका दोनों अपने-अपने लड़ाकू विमान भारत को बेचना चाहते हैं. मालूम हो कि, हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर गए थे इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप अपना 5th जेन फाइटर जेट एफ35 भारत को बेचने की पेशकश की थी. लेकिन भारत ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नई दिल्ली को अत्याधुनिक लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश के बाद, पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है.
बता दें कि फिलहाल, एफ35 फाइटर जेट का इस्तेमाल अमेरिका की सेना कर रही है. अमेरिका ने इजरायल समेत अपने कई अन्य सहयोगी देशों को ये विमान बेचा है. बावजूद इसके दुनिया के तमाम जानकार इस विमान की विश्वसनीयता और मारक क्षमता पर सवाल उठाते रहे हैं. वहीं खुद एलन मस्क ने इस विमान को कबाड़ करार दिया था.. लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि, अगर भारत अमेरिका से यह विमान खरीदेगा तो उसको इसके लिए कितनी रकम चुकानी पड़ेगी. रिपोर्ट्स की मानें तो एफ35 स्टील्थ टेक्नोलॉजी से युक्त एक शानदार फाइटर जेट है.