सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को सहयोग करे
संगठन केवल व्याख्यान से उत्पन्न नहीं होता बल्कि उसमें सजीव अंतःकरणों को एक साँचे में ढालना होता है. एक ही ध्येय के लिए, एक ही मार्ग पर चलनेवाले लाखों तरुणों को एक ही सूत्र में बाँधना होता है.